हिन्दोस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड के मज़दूरों की हड़ताल

23 अक्तूबर, 2019 को हिन्दोस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एच.ए.एल.) के 20,000 से भी अधिक मज़दूरों ने अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त कर दी। उन्हें कर्नाटक की उच्च अदालत के आदेश पर ऐसा करना पड़ा, क्योंकि अदालत ने एच.ए.एल. के बेंगलूरू कारखाने में तुरंत काम शुरू करने का आदेश दिया था। मज़दूरों ने यह हड़ताल 14 अक्तूबर, 2019 को शुरू की थी। एच.ए.एल. के प्रबंधन ने उच्च अदालत में दावा किया था कि हड़ताल की वजह से उन्हें दैनिक 17 करोड़ रुपये का नुकासान हो रहा है।

HAL strike

उच्च अदालत के अनुसार, मज़दूरों को धीमे उत्पादन करने या नियमों के अनुसार काम करने या किसी भी अन्य तरह के आंदोलन करने की मनाही है।

एच.ए.एल. एक सार्वजनिक क्षेत्र का उद्योग है और देश में सबसे उन्नत हथियार बनाने वाली कंपनी है। एच.ए.एल. की बेंगलूरू इकाई लड़ाकू हवाई जहाज, जेट इंजन और हेलीकॉप्टरों का निर्माण करती है और उनके रख-रखाव का काम करती है। बेंगलूरू की उत्पादन व रख-रखाव की मुख्य इकाई के साथ-साथ, छः अन्य नगरों में इसकी इकाइयों के मज़दूरों ने भी अनिश्चितकालीन हड़ताल में हिस्सा लिया था। हड़ताल को ऑल इंडिया एच.ए.एल. ट्रेड यूनियन्स कोओर्डिनेशन कमेटी (ए.आई.एच.ए.एल.टी.यू.सी.सी.) ने आयोजित किया था। 79 वर्ष की एच.ए.एल. के इतिहास में यह हड़ताल सबसे बड़ी थी।

एच.ए.एल. एक मुनाफ़ा बनाने वाली नवरत्न कंपनी है। 2019 में एच.ए.एल. ने 19,400 करोड़ रुपयों का व्यापार किया और 2,282 करोड़ रुपयों का (कर भरने के बाद) शुद्ध मुनाफ़ा कमाया। कंपनी के लिये यह एक कीर्तिमान था। हड़ताल करने का तात्कालिक कारण था कि एच.ए.एल. प्रबंधन, मज़दूरों को मंजूर वेतन संशोधन समझौता करने को तैयार नहीं था। पिछले समझौते के अनुसार, नया समझौता 2017 तक किया जाना था। एच.ए.एल. के प्रबंधन ने समझौता वार्ता करने में जानबूझकर दो साल से भी अधिक की देरी की। प्रबंधन मज़दूरों की जायज़ मांगों को मानने को तैयार नहीं था। मज़दूरों के पास हड़ताल करने के सिवाय कोई और चारा नहीं था।

यूनियन के अनुसार, बहुत से मज़दूरों के लिये, जिन्होंने कंपनी में 15 से 20 साल काम किया है, उनको वर्तमान के वेतन से भी कम मिलने वाला था। प्रबंधन द्वारा मज़दूरों की मांगों को न मानने की सफाई देते समय, एच.ए.एल. के वित्तीय निदेशक ने कहा कि, "हमें संवर्धन बरकरार रखते हुए श्रम के खर्चे के बारे में सावधानी बरतना चाहिये।" प्रबंधन के एक अफसर के अनुसार, "वर्तमान में, कंपनी के राजस्व का करीब 24 प्रतिशत श्रम पर खर्च होता है। श्रम को सबसे कार्यकुशल तरीके से इस्तेमाल करके हम इसे 20 प्रतिशत करना चाहते हैं।" प्रबंधन ने धमकी दी है कि वह नियमित श्रम शक्ति में कटौती करेगा और ज्यादा मज़दूरों को ठेके पर लेकर इस लक्ष्य को पा सकेगा।

हड़ताल के दौरान, ए.आई.एच.ए.एल.टी.यू.सी.सी. के चीफ कन्वीनर ने कहा है कि "प्रबंधन के शस्त्रागार में बेशुमार हथियार हैं। वह हमारे खि़लाफ़ एफ.आई.आर. दर्ज़ कर सकता है, वह मज़दूरों को वेतन घटाकर चोट पहुंचा सकता है, वह हमारे विरोध प्रदर्शन को कुचल सकता है।"

एच.ए.एल. के मज़दूरों की हड़ताल ने स्पष्टता से दिखाया है कि न्याय व्यवस्था सहित, राज्य की पूरी मशीनरी मज़दूरों के अधिकारों पर हमला करने के लिये इस्तेमाल की जाती है।

ए.आई.एच.ए.एल.टी.यू.सी.सी. के चीफ कन्वीनर, श्री सूर्य देवरा चंद्रशेखर ने बताया कि, ”जबकि हड़ताल खत्म हो गयी है, जिस मुद्दे पर हड़ताल शुरू हुई थी, यानी कि वेतन का मुद्दा, उसका समाधान अभी तक नहीं निकला है।“ अपनी जायज़ मांगों को पाने के लिये, एच.ए.एल. के मज़दूर अपने आगे के रास्ते की योजना बना रहे हैं।

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Nov 16-30 2019    Struggle for Rights    Rights     2019   

पार्टी के दस्तावेज

8 जनवरी, 2020 की सर्व हिन्द आम हड़ताल को सफल करें!

मज़दूर एकता कमेटी का आह्वान

देश की दिशा पूंजीपतियों की अमीरी को बढ़ा रही है और मज़दूर, किसान व सभी मेहनतकशों को ग़रीबी में धकेल रही है। इस रास्ते का विरोध करने के लिए और देश की दौलत पर अपने अधिकार का दावा करने के लिए यह हड़ताल आयोजित की जा रही है।

मेहनतकशों का है यह नारा, हम हैं इसके मालिक! हिन्दोस्तान हमारा!

thumbपूंजीपति वर्ग की राजनीतिक पार्टियां यह दावा करती हैं कि उदारीकरण, निजीकरण और भूमंडलीकरण के कार्यक्रम का कोई विकल्प नहीं है। परंतु सच तो यह है कि इसका विकल्प है। इसका विकल्प है अर्थव्यवस्था को एक नयी दिशा दिलाना, ताकि लोगों की जरूरतों को पूरा करने को प्राथमिकता दी जाए, न कि पूंजीपतियों की लालच को पूरा करने को। यह हिन्दोस्तान के नवनिर्माण का कार्यक्रम है।

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5th Congress Documentहिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव कामरेड लाल सिंह द्वारा, पार्टी की केन्द्रीय समिति की ओर से, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के पांचवें महाअधिवेशन को यह रिपोर्ट पेश की गई। महाअधिवेशन में इस पर चर्चा की गयी और इसे अपनाया गया। पांचवें महाअधिवेशन के फैसले के अनुसार, इस रिपोर्ट को सम्पादकीय शोधन के साथ, प्रकाशित किया जा रहा है।

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Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब, मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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