मेघालय में अस्थायी सरकारी मज़दूरों का संघर्ष

मेघालय में अस्थायी सरकारी मज़दूर लंबे समय से ऑल मेघालय मस्टर रोल प्रोग्रेसिव वर्कर्स यूनियन (ए.एम.एम.आर.पी.डब्ल्यू.यू.) के बैनर तले अपनी मांगों के लिये लड़ते आये हैं। अस्थायी मज़दूरों की मांग है कि उन्हें अवकाश, अर्जित अवकाश, मातृत्व व कौशल विकास की सुविधायें मिलनी चाहियें और सभी बकाया वेतन मिलना चाहिये तथा योग्यता के अनुसार उनकी सेवा नियमित की जानी चाहिये।

Meghalaya muster roll workers

पिछले साल 11 दिसम्बर को ए.एम.एम.आर.पी.डब्ल्यू.यू. ने अपना मांग पत्र श्रममंत्री को दिया था। दस महीने तक कोई उत्तर न मिलने पर सरकार को याद दिलाने के लिये उन्होंने 10 अक्तूबर को एक और ज्ञापन सौंपा। जब इसे भी सरकार ने नज़रंदाज़ किया तब उन्होंने 31 अक्तूबर को आंदोलन करने की घोषणा की।

ज्ञापनों पर सरकार की कुछ भी प्रतिक्रिया न मिलने पर, ए.एम.एम.आर.पी.डब्ल्यू.यू. के गारो हिल्स के सचिव ने बताया कि "अपना गुस्सा दर्शाने के लिये हम 18 नवम्बर, 2019 से तीन दिनों के लिये काले फीते बांध कर काम पर आयेंगे। अगर सरकार से तब भी कुछ उत्तर नहीं मिलता तो हम दिसम्बर महीने से काम को करना बंद कर देंगे।" 

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Dec 1-15 2019    Struggle for Rights    2019   

पार्टी के दस्तावेज

8 जनवरी, 2020 की सर्व हिन्द आम हड़ताल को सफल करें!

मज़दूर एकता कमेटी का आह्वान

देश की दिशा पूंजीपतियों की अमीरी को बढ़ा रही है और मज़दूर, किसान व सभी मेहनतकशों को ग़रीबी में धकेल रही है। इस रास्ते का विरोध करने के लिए और देश की दौलत पर अपने अधिकार का दावा करने के लिए यह हड़ताल आयोजित की जा रही है।

मेहनतकशों का है यह नारा, हम हैं इसके मालिक! हिन्दोस्तान हमारा!

thumbपूंजीपति वर्ग की राजनीतिक पार्टियां यह दावा करती हैं कि उदारीकरण, निजीकरण और भूमंडलीकरण के कार्यक्रम का कोई विकल्प नहीं है। परंतु सच तो यह है कि इसका विकल्प है। इसका विकल्प है अर्थव्यवस्था को एक नयी दिशा दिलाना, ताकि लोगों की जरूरतों को पूरा करने को प्राथमिकता दी जाए, न कि पूंजीपतियों की लालच को पूरा करने को। यह हिन्दोस्तान के नवनिर्माण का कार्यक्रम है।

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5th Congress Documentहिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव कामरेड लाल सिंह द्वारा, पार्टी की केन्द्रीय समिति की ओर से, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के पांचवें महाअधिवेशन को यह रिपोर्ट पेश की गई। महाअधिवेशन में इस पर चर्चा की गयी और इसे अपनाया गया। पांचवें महाअधिवेशन के फैसले के अनुसार, इस रिपोर्ट को सम्पादकीय शोधन के साथ, प्रकाशित किया जा रहा है।

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Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब, मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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