राजस्थान के हनुमानगढ़ में सिंचाई के पानी का संघर्ष:

लंबे संघर्ष के बाद शानदार जीत

राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में ‘किसान, मज़दूर, व्यापारी संघर्ष समिति’ के बैनर तले, नोहर तहसील के अनेक गांवों के किसानों ने नोहर में उपखंड अधिकारी के कार्यालय के सामने लगातार 25 दिनों तक धरना दिया। धरने के 25वें दिन इस लंबे संघर्ष के बाद प्रशासन के कानों में जूं रेंगी और उसने किसानों के साथा वार्ता की। वार्ता के बाद प्रशासन ने किसानों की एक-एक मांग को समाधान सहित मान लिया।

Hanumangarh farmersकिसानों ने बताया कि हमें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन हमारी मांगों पर गौर करने की बजाय, हमारे धरने को खत्म करने की कोशिश कर रहा है। किसानों का कहना है कि हम अपने खेतों का काम छोड़कर यहां धरना प्रदर्शन इसलिये कर रहे हैं कि हमारी फसलों को समय पर सिंचाई का पानी मिल सके। उनका कहना है कि सिंचाई की समस्याओं का सामाधान तुरंत किया जाना चाहिये, क्योंकि हमारी ये मांगें सालों से लंबित हैं।

इस जीत से हनुमानगढ़ की कई तहसीलों और गांवों को लाभ होगा इनमें हैं - रामगढ़, परलिका, गोगामेढी, ढीलकी, उज्ज्लावास, बरवाली, 24एन.टी.आर., भूकरका, नेठराना, खचवाड़ा, भखाड़ा, सोती, अराईया वाली ढांणी और मुंसरी, आदि। इन गांवों के किसान बारी-बारी से क्रमवार धरने पर बैठते रहे हैं।

इस पूरे आंदोलन को अगुवाई देने वालों में शामिल थे - लोक राज संगठन के सर्व हिन्द उपाध्यक्ष हनुमान प्रसाद शर्मा, कामरेड ओम सहू (पूर्व सरपंच), कामरेड मदन बेनीवाल (संयोजक किसान, मज़दूर, व्यापार संघर्ष समिति), जुगलाल खाती (अध्यक्ष जल उपभोक्ता संगठन), रघुबीर छिंपा (पूर्व सरपंच), लक्ष्मी नारायण बेनीवाल, डाक्टर कृष्ण नोखवाल, मनीराम लकेसर और कन्हैया लाल जैन, आदि।

किसानों की मुख्य मांगें इस प्रकार से हैं:

  • अमरसिंह ब्रांच में इसके हिस्से अनुसार प्रारंभ से 1998 तक चले पानी की आपूर्ति की जाये।
  • अमरसिंह ब्रांच एवं इसकी वितरिकाएं एन.टी.आर., डी.पी.एन., एम.एस.आर. और बी.डी.आर., आदि की बाउंड्री निकलवाकर नहर क्षेत्र पर उगे पेड़ों को काटा जाये।
  • अमरसिंह ब्रांच एवं इसकी नहरों व माईनरों की लम्बे समय से मरम्मत नहीं की गई है। अतः बजट आवंटित करके मरम्मत एवं सिल्ट की सफाई कराई जाये।
  • बढ़ती पानी चोरी को रोकने के लिये प्रभावी कार्यवाही की जाये, ताकि पानी चोर माफियाओं में भय पैदा हो और चोरी रुक सके।
  • उच्च अदालत के आदेशानुसार अमरसिंह ब्रांच के शेष रहे मोघों को सही किया जाये, ताकि निर्धारित पानी से अधिक ले रहे पानी की बचत से टेल तक पानी पहुंच सके।
  • मुख्य नहर में सीधे मोघे लगाने का प्रावधान नहीं है। अतः डिच माईनर निकालकर आस-पास की भूमि को सिंचाई की सुविधा दी जाये।
  • पानी चोरी हेतु बने मापदंडों के विरुद्ध खालों के ऊपर की अवैध चिनाई को तोड़ा जाये।
Tag:   

Share Everywhere

Dec 1-15 2019    Struggle for Rights    2019   

पार्टी के दस्तावेज

8 जनवरी, 2020 की सर्व हिन्द आम हड़ताल को सफल करें!

मज़दूर एकता कमेटी का आह्वान

देश की दिशा पूंजीपतियों की अमीरी को बढ़ा रही है और मज़दूर, किसान व सभी मेहनतकशों को ग़रीबी में धकेल रही है। इस रास्ते का विरोध करने के लिए और देश की दौलत पर अपने अधिकार का दावा करने के लिए यह हड़ताल आयोजित की जा रही है।

मेहनतकशों का है यह नारा, हम हैं इसके मालिक! हिन्दोस्तान हमारा!

thumbपूंजीपति वर्ग की राजनीतिक पार्टियां यह दावा करती हैं कि उदारीकरण, निजीकरण और भूमंडलीकरण के कार्यक्रम का कोई विकल्प नहीं है। परंतु सच तो यह है कि इसका विकल्प है। इसका विकल्प है अर्थव्यवस्था को एक नयी दिशा दिलाना, ताकि लोगों की जरूरतों को पूरा करने को प्राथमिकता दी जाए, न कि पूंजीपतियों की लालच को पूरा करने को। यह हिन्दोस्तान के नवनिर्माण का कार्यक्रम है।

(Click thumbnail to download PDF)

5th Congress Documentहिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव कामरेड लाल सिंह द्वारा, पार्टी की केन्द्रीय समिति की ओर से, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के पांचवें महाअधिवेशन को यह रिपोर्ट पेश की गई। महाअधिवेशन में इस पर चर्चा की गयी और इसे अपनाया गया। पांचवें महाअधिवेशन के फैसले के अनुसार, इस रिपोर्ट को सम्पादकीय शोधन के साथ, प्रकाशित किया जा रहा है।

(Click thumbnail to download PDF)

Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

(Click thumbnail to download PDF)

यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)

यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब, मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)