8 जनवरी की सर्व हिन्द आम हड़ताल की तैयारियां जोरों पर: महाराष्ट्र में ट्रेड यूनियनों व मज़दूर संगठनों का सम्मलेन

3 दिसंबर 2019 को पूरे महाराष्ट्र के 200 से भी ज्यादा कार्यकर्ताओं ने ट्रेड यूनियंस जॉइंट एक्शन कमेटी (टी.यू.जे.ए.सी.) द्वारा मुंबई में आयोजित सम्मलेन में हिस्सा लिया। यह सम्मलेन 8 जनवरी को होने वाली मज़दूरों की सर्व हिन्द आम हड़ताल की तैयारी में किया गया था। एटक, सीटू, एच.एम.एस, इंटक, एन.टी.यू.आई, कामगार एकता कमेटी के प्रतिनिधियों के साथ-साथ रेलकर्मियों, बेस्ट के मज़दूरों, डॉक मज़दूरों, महाराष्ट्र राज्य परिवहन मज़दूरों और निगम मज़दूरों ने सम्मलेन में हिस्सा लिया।

TUJAC meeting

सम्मलेन को सम्बोधित करने वालों में थे - सीटू के कामरेड एम.ए. शेख, इंटक के कामरेड छज्जर, एन.टी.यू.आई. के कामरेड एम.ए. पाटिल, केंद्रीय रेलवे मज़दूर संघ (सी.आर.एम.एस.) के कामरेड बाजपेयी, कामगार एकता कमेटी (के.ई.सी.) के कामरेड मैथ्यू और बेस्ट, राज्य परिवहन, बिजली मज़दूर और डॉक वर्कर्स के प्रतिनिधि। सभी भाग लेने वाली यूनियनों और मज़दूर संगठनों ने बड़े पैमाने पर लोगों को लामबंध करने का काम जारी रखते हुए हड़ताल में पूरी तरह से भाग लेने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। कई यूनियनों के प्रतिनिधियों ने बताया कि वे हड़ताल में भाग लेने के लिए ग्राम पंचायत स्तर से मज़दूरों को जुटाने के लिए राज्य और जिला स्तर पर सम्मेलनों का आयोजन कर रहे हैं। वक्ताओं ने अपने सांझा न्यूनतम कार्यक्रम में मज़दूर वर्ग की मांगों को अनदेखा करने के लिए नई महाविकास अघाड़ी गठबंधन सरकार की निंदा की।

सी.आर.एम.एस. के कामरेड बाजपेयी ने कहा कि रेलवे में काम को अनुबंध पर देने की प्रक्रिया तीव्र गति से चल रही है। उन्होंने यह भी बताया कि रेलवे का निजीकरण पहले से ही 50 प्रतिशत हो चुका है और सरकार आगे और भी निजीकरण की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि रेलकर्मी, सरकार के इस राष्ट्र-विरोधी और मज़दूर-विरोधी अभियान का डटकर विरोध कर रहे हैं ।

निजीकरण के ख़िलाफ़ संघर्ष के बारे में और विशेष रूप से रेलवे के निजीकरण पर बात करते हुए, कॉमरेड मैथ्यू ने बताया कि निजीकरण न केवल मज़दूर-विरोधी है, बल्कि यह समाज-विरोधी और राष्ट्र-विरोधी भी है। उन्होंने निजीकरण के ख़िलाफ़ हमारे देश के मज़दूरों के संघर्ष और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर संघर्ष के अनुभव पर बात रखते हुए निजीकरण को रोकने की आवश्यकता और संभावना दोनों पर ज़ोर दिया। उन्होंने बताया कि मुंबई में, कामगार एकता कमेटी सक्रिय रूप से निजीकरण के हानिकारक प्रभावों के बारे में रेल यात्रियों को शिक्षित करने में लगी हुई है। उन्होंने रेलवे की सभी यूनियनों से आह्वान किया कि वे कारखानों को बंद करने के क़दम के ख़िलाफ़ अपने संघर्ष में एकजुट हों। कारखानों को बंद किया जा रहा है ताकि उन्हें बड़े पूंजीपतियों को सौंपा जा सके। उन्होंने कहा कि कामगार एकता कमेटी महाराष्ट्र और पूरे देश के कामकाजी लोगों के बीच 8 जनवरी की हड़ताल की सफलता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक प्रचार कर रही है।

8 जनवरी को होने वाली सर्व हिन्द आम हड़ताल को शानदार तौर पर सफल बनाने के लिए सभी सहभागी यूनियनों को साथ काम करने के आह्वान के साथ सम्मेलन का समापन हुआ।

Tag:   

Share Everywhere

Dec 16-31 2019    Struggle for Rights    Rights     2019   

पार्टी के दस्तावेज

8 जनवरी, 2020 की सर्व हिन्द आम हड़ताल को सफल करें!

मज़दूर एकता कमेटी का आह्वान

देश की दिशा पूंजीपतियों की अमीरी को बढ़ा रही है और मज़दूर, किसान व सभी मेहनतकशों को ग़रीबी में धकेल रही है। इस रास्ते का विरोध करने के लिए और देश की दौलत पर अपने अधिकार का दावा करने के लिए यह हड़ताल आयोजित की जा रही है।

मेहनतकशों का है यह नारा, हम हैं इसके मालिक! हिन्दोस्तान हमारा!

thumbपूंजीपति वर्ग की राजनीतिक पार्टियां यह दावा करती हैं कि उदारीकरण, निजीकरण और भूमंडलीकरण के कार्यक्रम का कोई विकल्प नहीं है। परंतु सच तो यह है कि इसका विकल्प है। इसका विकल्प है अर्थव्यवस्था को एक नयी दिशा दिलाना, ताकि लोगों की जरूरतों को पूरा करने को प्राथमिकता दी जाए, न कि पूंजीपतियों की लालच को पूरा करने को। यह हिन्दोस्तान के नवनिर्माण का कार्यक्रम है।

(Click thumbnail to download PDF)

5th Congress Documentहिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव कामरेड लाल सिंह द्वारा, पार्टी की केन्द्रीय समिति की ओर से, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के पांचवें महाअधिवेशन को यह रिपोर्ट पेश की गई। महाअधिवेशन में इस पर चर्चा की गयी और इसे अपनाया गया। पांचवें महाअधिवेशन के फैसले के अनुसार, इस रिपोर्ट को सम्पादकीय शोधन के साथ, प्रकाशित किया जा रहा है।

(Click thumbnail to download PDF)

Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

(Click thumbnail to download PDF)

यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)

यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब, मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)