बेहद दुख के साथ हम का. लॉरेंस डिसूज़ा के देहांत पर शोक प्रकट करते हैं!

बड़े दुख के साथ, हम अपने साथी, कॉमरेड लॉरेंस डिसूज़ा के देहांत की सूचना दे रहे हैं। उनका निधन मुम्बई में 30 नवम्बर को हुआ, जब वे 63 साल के थे। कॉमरेड की प्रिय पत्नी तथा बच्चों को, तथा इन प्रिय कॉमरेड के साथियों को, दोस्तों को तथा सहकर्मियों को, कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति अपनी हार्दिक सहानुभूति व्यक्त करती है।

Com Lawrence

कॉमरेड लॉरेंस एक रेलवे मज़दूर थे। अपनी पूरी सक्रिय ज़िंदगी में, अपनी असामयिक मृत्यु तक, वे मज़दूरों के तत्कालीन तथा दीर्घकालीन हितों के लिए लड़ते रहे। भारतीय रेल में एक गार्ड बतौर, गार्डों के लड़ाकू संगठन, ऑल इंडिया गार्ड्स काउन्सिल (ए.आई.जी.सी.) को मजबूत बनाने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। लोको पायलट्स, ट्रैक मेन्टेनर्स तथा स्टेशन मास्टर्स जैसे रेल मज़दूरों के विभागीय संगठनों की ए.आई.जी.सी. के साथ एकता बनाने के लिए वे हमेशा कार्यरत रहे।

कॉमरेड लॉरेंस अपने काम में अथक थे और अपने जोश से औरों को उत्साहित करते थे। वे देशभर जाते थे और मज़दूरों के अलग-अलग तबकों के बीच असंख्य सभाएं आयोजित करके अपने अधिकारों के लिए संगठित होने का महत्व उन्हें समझाते थे। मानवता के उच्चतम आदर्शों से कॉमरेड लॉरेंस उत्प्रेरित थे। अपने कार्यों के द्वारा उन्होंने अनेक मज़दूरों को पार्टी का झंडा, कम्युनिज़्म का झंडा उठाने के लिए प्रेरित किया।

उनके देहांत से हमारी पार्टी ने मज़दूर वर्ग के उद्धार के लिए एक लड़ाकू तथा दृढ़ कॉमरेड खोया है। इस निष्ठावान कॉमरेड की स्मृति के आदर में 19 दिसम्बर को मुम्बई में एक सभा का आयोजन किया गया था, जिसमें पार्टी के साथियों तथा उनके रेल सहकर्मियों ने हिस्सा लिया।

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Jan 1-15 2020    Struggle for Rights    Rights     2020   

पार्टी के दस्तावेज

8 जनवरी, 2020 की सर्व हिन्द आम हड़ताल को सफल करें!

मज़दूर एकता कमेटी का आह्वान

देश की दिशा पूंजीपतियों की अमीरी को बढ़ा रही है और मज़दूर, किसान व सभी मेहनतकशों को ग़रीबी में धकेल रही है। इस रास्ते का विरोध करने के लिए और देश की दौलत पर अपने अधिकार का दावा करने के लिए यह हड़ताल आयोजित की जा रही है।

मेहनतकशों का है यह नारा, हम हैं इसके मालिक! हिन्दोस्तान हमारा!

thumbपूंजीपति वर्ग की राजनीतिक पार्टियां यह दावा करती हैं कि उदारीकरण, निजीकरण और भूमंडलीकरण के कार्यक्रम का कोई विकल्प नहीं है। परंतु सच तो यह है कि इसका विकल्प है। इसका विकल्प है अर्थव्यवस्था को एक नयी दिशा दिलाना, ताकि लोगों की जरूरतों को पूरा करने को प्राथमिकता दी जाए, न कि पूंजीपतियों की लालच को पूरा करने को। यह हिन्दोस्तान के नवनिर्माण का कार्यक्रम है।

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5th Congress Documentहिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव कामरेड लाल सिंह द्वारा, पार्टी की केन्द्रीय समिति की ओर से, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के पांचवें महाअधिवेशन को यह रिपोर्ट पेश की गई। महाअधिवेशन में इस पर चर्चा की गयी और इसे अपनाया गया। पांचवें महाअधिवेशन के फैसले के अनुसार, इस रिपोर्ट को सम्पादकीय शोधन के साथ, प्रकाशित किया जा रहा है।

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Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब, मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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