बेहद दुख के साथ हम का. रेणुका के देहांत पर शोक प्रकट करते हैं!

बहुत खेद के साथ, हम अपनी प्रिय साथी, कॉमरेड रेणुका के देहांत की सूचना दे रहे हैं। उनका निधन मुम्बई में 5 दिसम्बर को हुआ। लंबे समय तक बीमारी के साथ जूझने के बाद मात्र 45 साल की उम्र में वे चल बसीं।

Com Renuka

अपने दोस्ताना व्यवहार तथा किसी भी कठिनाई का बहादुरी से सामना करने के अपनी तत्परता की वजह से कॉमरेड रेणुका ने अपने साथियों के दिलों में अपनी जगह बनायी थी। 16 साल पहले, जब से वे पार्टी में शामिल हुई थीं, तब से उन्होंने अपने हाथों में पार्टी का झंडा ऊपर रखा था। किसी भी अधिकारी का वे निडरता से सामना करती थीं। प्रदेश के कार्य में वे अगुआ साथियों में थी। मुम्बई, भिवंडी, पडघा, ठाणे तथा कल्याण जैसी, अन्य जगहों में वे कार्यरत थीं।

उनका संगठन उन्हें जिस भी कार्य की ज़िम्मेदारी देता था, उसे कॉमरेड रेणुका हंसते-हंसते संपन्न करती थीं। उनके मुस्कुराते हुए चेहरे से पता ही नहीं लगता था कि वे कितने दिनों से बीमार थीं। हिन्दोस्तानी समाज को दमन-शोषण से मुक्त करने का जो निर्णय उन्होंने लिया था, उसे निभाने के लिए वे कुछ भी करने के लिए तत्पर रहती थीं। घर में रुकना तो उन्हें सज़ा लगती थी, इसलिए वे अपने साथियों तथा दोस्तों की बीमारी की वजह से घर में आराम करने की सलाह को नहीं मानती थीं। अपने आखिरी दम तक उन्होंने पार्टी का कार्य निश्चय तथा दृढ़ता के साथ किया।

मज़दूर वर्ग की मुक्ति के महान कार्य के लिए अपना सब कुछ अर्पण करनेवाली इस दिलेर तथा जोशपूर्ण साथी की याद में 22 दिसम्बर को एक शोक सभा आयोजित की गयी थी। कॉमरेड रेणुका के जीवन साथी कॉमरेड प्रह्लाद को उनके और परिजनों को, तथा उनके सब साथियों को कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति अपनी हार्दिक सहानुभूति व्यक्त करती है।

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Jan 1-15 2020    Struggle for Rights    Rights     2020   

पार्टी के दस्तावेज

8 जनवरी, 2020 की सर्व हिन्द आम हड़ताल को सफल करें!

मज़दूर एकता कमेटी का आह्वान

देश की दिशा पूंजीपतियों की अमीरी को बढ़ा रही है और मज़दूर, किसान व सभी मेहनतकशों को ग़रीबी में धकेल रही है। इस रास्ते का विरोध करने के लिए और देश की दौलत पर अपने अधिकार का दावा करने के लिए यह हड़ताल आयोजित की जा रही है।

मेहनतकशों का है यह नारा, हम हैं इसके मालिक! हिन्दोस्तान हमारा!

thumbपूंजीपति वर्ग की राजनीतिक पार्टियां यह दावा करती हैं कि उदारीकरण, निजीकरण और भूमंडलीकरण के कार्यक्रम का कोई विकल्प नहीं है। परंतु सच तो यह है कि इसका विकल्प है। इसका विकल्प है अर्थव्यवस्था को एक नयी दिशा दिलाना, ताकि लोगों की जरूरतों को पूरा करने को प्राथमिकता दी जाए, न कि पूंजीपतियों की लालच को पूरा करने को। यह हिन्दोस्तान के नवनिर्माण का कार्यक्रम है।

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5th Congress Documentहिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव कामरेड लाल सिंह द्वारा, पार्टी की केन्द्रीय समिति की ओर से, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के पांचवें महाअधिवेशन को यह रिपोर्ट पेश की गई। महाअधिवेशन में इस पर चर्चा की गयी और इसे अपनाया गया। पांचवें महाअधिवेशन के फैसले के अनुसार, इस रिपोर्ट को सम्पादकीय शोधन के साथ, प्रकाशित किया जा रहा है।

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Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब, मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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