कनाडा और मुम्बई में कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की 39वीं सालगिरह पर समारोह

टोरोंटो कनाडा

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की स्थापना की 39वीं सालगिरह टोरोंटो में बड़ी धूमधाम और जोश के साथ हिन्दोस्तान और दुनिया के अन्य हिस्सों में मनाई गयी। इन सभाओं में मौजूदा हालातों पर भाषणों, कविताओं और चर्चाओं का आयोजन हुआ। 

कामरेड गुरुदेव ने बताया कि हिन्दोस्तान की सरकार ने पहले कश्मीर में लागू अनुच्छेद 370 को हटाया और फिर लोगों को और भटकाने तथा उनपर हमला करने के लिए नागरिकता संशोधन अधिनियम (सी.ए.ए.) को पारित किया, एन.आर.सी. और एन.पी.आर. को लागू करने की योजना बनायी। ऐसा करके हिन्दोस्तानी सरकार ने लोगों में फूट डाली है और इस्लाम धर्म को मानने वाले लोगों को अलग-थलग किया है। अब वह इन कानूनों के खि़लाफ़ शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने वाले छात्रों और अन्य लोगों को आतंकित कर रही है और उनका क़त्ल कर रही है। उन्होंने बताया कि दुनियाभर में लोगों द्वारा इन कानूनों का विरोध किया जा रहा है।

हिन्दोस्तान के आर्थिक हालातों पर अपनी बात रखते हुए उन्होंने बताया कि देश का सकल घरेलू उत्पाद (जी.डी.पी.) तेज़ी से गिर रहा है, लेकिन बड़ी कपनियों और उद्योगपतियों को लोगों का शोषण करने के लिए सरकार का बिना शर्त पूरा समर्थन है। बढ़ते कर्ज़ और ग़रीबी के चलते किसान खुदकुशी करने को मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि इन कानूनों के चलते लोग असहाय हो गए हैं और उनका ध्यान असली समस्याओं और मुद्दों से भटकाया जा रहा है। हिन्दोस्तान में परजीवी अर्थव्यवस्था बढ़ती जा रही है। एक सिरे पर ग़रीब और ग़रीब तथा दूसरे सिरे पर अमीर और अधिक अमीर होते जा रहे।

सोवियत रूस के पतन के बाद, साम्राज्यवादियों का दावा था कि मुक्त बाज़ारों पर आधारित अर्थव्यवस्था, बहु-पार्टीवादी जनतंत्र और भूमंडलीकरण और उदारीकरण से लोगों की समस्याएं हल हो जाएंगी। इस वक्त दुनियाभर में 100 से अधिक युद्ध चल रहे हैं और अप्रत्याशित पैमाने पर हथियार और फ़ौजी मशीनों का उत्पादन किया जा रहा है और दुनियाभर में पहुंचाया जा रहा है। दुनियाभर में अमरीका के 100 से अधिक फ़ौजी अड्डे हैं। जैसे-जैसे अलग-अलग तरह के शुल्क और आर्थिक प्रतिबंध लगाये जा रहे हैं उससे व्यापारिक जंग भी तेज़ होते जा रहे हैं।

नक्सलबाड़ी के बाद हिन्दोस्तान में पूरा मुक्ति संघर्ष कई गुटों में बंट गया। अधिकांश पार्टियों ने यूरो-केंद्रीयवाद का रास्ता अपनाया। हिन्दोस्तानी क्रांतिकारी परंपरा कि, यदि कोई राजा अपनी प्रजा के लिए सुख और सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकता तो उसे हटाने का अधिकार प्रजा को है, इस सिद्धांत को इन गुटों ने कभी स्वीकार नहीं किया। अपने गठन के समय से ही हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी ने तमाम मंचों पर काम करते हुए कम्युनिस्ट एकता को बहाल करने के लिए काम किया है और इस सिद्धांत पर डटकर खड़ी रही है कि श्रमजीवी वर्ग ही समाज के विकास को अगुवाई दे सकता है।

मुम्बई

25 दिसम्बर, 1980 को हुई हमारी पार्टी की स्थापना के 39 वर्ष सम्पूर्ण होने का समारोह पार्टी सदस्यों, दोस्तों और परिवारजनों ने 29 दिसम्बर को मुंबई में उत्साह और उल्लास से मनाया। समारोह पार्टी के गीत से शुरू हुआ। प्रदेश सचिव ने सभी का पार्टी की तरफ से स्वागत करते हुए कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि जैसे-जैसे पार्टी की उम्र बढ़ रही है पार्टी सदस्यों की औसतन उम्र कम हो रही है। उन्होंने कहा कि यह वर्ष हमारे लिए एक दुखद वर्ष रहा है क्योंकि हमने कुछ महीनों में ही अपने तीन प्रिय सक्षम साथी आकस्मिक मृत्यु के कारण खो दिए। उनको हमारी सबसे अच्छी श्रद्धांजलि यही होगी कि जिस ध्येय के लिए इन साथियों ने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया उस ध्येय को प्राप्त करने के लिए हम और भी ज्यादा काम करें।

इस वर्ष में हमने मज़दूर वर्ग, किसानों और अन्य मेहनतकशों पर और भी ज्यादा खूंखार हमले होते देखे हैं लेकिन इन हमलों को कड़ा जवाब भी दिया गया है। यह खुशी की बात है कि जितनी बड़ी संख्या में मज़दूर और किसान दमन और अन्याय के खि़लाफ़ उठ खड़े हुए वह पिछले कई वर्षों में नहीं देखा गया था। देश के लोगों ने नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिकता पंजीकरण के विभेदकारी साम्प्रदायिक लोक-विरोधी क़दमों को स्वीकार करने से मना कर दिया है। देशभर में विद्यार्थी, युवक और महिलाएं सड़कों पर उतर आए हैं। हमें जीत भी मिली है क्योंकि सरकार को पीछे हटना पड़ा और विभिन्न मंत्रियों को झूठ बोलकर एक दूसरे की विरोधी बातें करनी पड़ रही हैं। परन्तु, इस व्यवस्था में कोई भी जीत अस्थायी होती है उसी तरह से यह भी अस्थायी होगी क्योंकि राज्य किसी और तरीके से हमला करेगा। लोगों को नेतृत्व प्रदान करना और उनके क्रोध को हिन्दोस्तान का नव-निर्माण करने की दिशा में मोड़ना हमारा काम है। यह तभी सम्भव होगा जब हम अपनी पार्टी को और मजबूत बनायेंगे। अतः सचिव ने सभी को अपने सामूहिक ध्येय के लिए और भी मेहनत से कार्य करने का आह्वान किया।

उसके बाद अनेक साथियों ने अपने विचार रखते हुए, पार्टी के लिए अपना प्यार व्यक्त किया और कहा कि उनके विकास में पार्टी सबसे बड़ी शिक्षक रही है। क्रांतिकारी गीत पेश किये गए जिसमें सभी साथी जुड़ गए। बीते वर्ष की गतिविधियों की स्लाइड प्रस्तुति ने सभी को उत्साहित किया। इंटरनेशनल गीत के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।

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Jan 16-31 2020    Voice of the Party    Rights     2020   

पार्टी के दस्तावेज

8 जनवरी, 2020 की सर्व हिन्द आम हड़ताल को सफल करें!

मज़दूर एकता कमेटी का आह्वान

देश की दिशा पूंजीपतियों की अमीरी को बढ़ा रही है और मज़दूर, किसान व सभी मेहनतकशों को ग़रीबी में धकेल रही है। इस रास्ते का विरोध करने के लिए और देश की दौलत पर अपने अधिकार का दावा करने के लिए यह हड़ताल आयोजित की जा रही है।

मेहनतकशों का है यह नारा, हम हैं इसके मालिक! हिन्दोस्तान हमारा!

thumbपूंजीपति वर्ग की राजनीतिक पार्टियां यह दावा करती हैं कि उदारीकरण, निजीकरण और भूमंडलीकरण के कार्यक्रम का कोई विकल्प नहीं है। परंतु सच तो यह है कि इसका विकल्प है। इसका विकल्प है अर्थव्यवस्था को एक नयी दिशा दिलाना, ताकि लोगों की जरूरतों को पूरा करने को प्राथमिकता दी जाए, न कि पूंजीपतियों की लालच को पूरा करने को। यह हिन्दोस्तान के नवनिर्माण का कार्यक्रम है।

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5th Congress Documentहिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव कामरेड लाल सिंह द्वारा, पार्टी की केन्द्रीय समिति की ओर से, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के पांचवें महाअधिवेशन को यह रिपोर्ट पेश की गई। महाअधिवेशन में इस पर चर्चा की गयी और इसे अपनाया गया। पांचवें महाअधिवेशन के फैसले के अनुसार, इस रिपोर्ट को सम्पादकीय शोधन के साथ, प्रकाशित किया जा रहा है।

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Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब, मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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