सर्व हिन्द हड़ताल पर विभिन्न स्थानों से प्राप्त रिपोर्टें

मुंबई में रेल मज़दूरों का प्रदर्शन

8 जनवरी की सर्व हिन्द हड़ताल के समर्थन में मुंबई में हजारों रेल मज़दूर बाहर आए। मुंबई सी.एस.टी., भारत माता जंक्शन के साथ-साथ दादर सेन्ट्रल रेलवे स्टेशन के समक्ष प्रदर्शन आयोजित किये गए।

कामगार एकता कमेटी के साथ ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसियेशन (ए.आई.एल.आर.एस.ए.) और ऑल इंडिया गार्ड कौंसिल (ए.आई.जी.सी.) ने मुंबई सी.एस.टी. स्टेशन की मोटरमेन-गार्ड लॉबी के समक्ष मोटरमेनों, रेल चालकों और गार्डों ने भारी संख्या में सुबह के समय 10.30 से दोपहर 12 के दौरान एक प्रदर्शन आयोजित किया। कामगार एकता कमेटी के कॉमरेड मैथ्यू और ए.आई.एल.आर.एस.ए. के सेन्ट्रल रेलवे के संयुक्त महासचिव कॉमरेड आर.के. शर्मा ने रेल चालकों, गार्डों और यात्रियों को संबोधित किया।

AILRSA workers

कामगार एकता कमेटी ने ए.आई.जी.सी., ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसियेशन (ए.आई.एस.एम.ए.), ए.आई.एल.आर.एस.ए., ऑल इंडिया ट्रैफिक कंट्रोलर्स एसोसियेशन और वैस्टर्न रेलवे ट्रेकमेंटेनर्स एसोसियेशन (डब्ल्यू.आर.टी.ए.) के साथ सेन्ट्रल रेलवे के दादर स्टेशन के समक्ष दोपहर 4 से सांय 6 बजे तक प्रदर्शन आयोजित किया। यह प्रदर्शन ऑल इंडिया रेलवे इम्प्लॉइज़ कॉनफेडरेशन के झंडे के तले आयोजित किया गया। कामगार एकता कमेटी के कॉमरेड मैथ्यू, ए.आई.जी.सी. के वैस्टर्न रेलवे के जोनल सचिव कॉमरेड ए.के. श्रीवास्तव, ए.आई.एस.एम.ए. के मुंबई डिविज़न के अध्यक्ष कॉमरेड कुमार कुंदन और डब्ल्यू.आर.टी.ए. के कॉमरेड दीपक ने रेल मज़दूरों तथा यात्रियों को संबोधित किया।

इन दोनों प्रदर्शनों में कामगार एकता कमेटी ने आम हड़ताल और उसमें भाग लेने का महत्व समझाने वाली पुस्तिका का वितरण किया।

नेशनल रेलवे मज़दूर यूनियन से जुड़े सैकड़ों रेल मज़दूरों ने मुंबई सी.एस.टी. स्टेशन से आज़ाद मैदान तक दोपहर 1 बजे जुलूस आयोजित किया।

सेन्ट्रल रेलवे मज़दूर संघ से जुड़े सैकड़ों रेल मज़दूरों ने करी रोड स्टेशन के समीप भारत माता जंक्शन पर दोपहर 2 बजे प्रदर्शन किया।

विभिन्न रेल यूनियनों से जुड़े अनेक रेल मज़दूरों ने अपना काम करते हुए काली पट्टी पहनकर 8 जनवरी की सर्व हिन्द हड़ताल का समर्थन किया।

दिल्ली में रैलियां और प्रदर्शन

दस केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों व राष्ट्रीय फेडरेशनों द्वारा 8 जनवरी को बुलायी गई सर्व हिन्द हड़ताल में दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों के मज़दूरों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उन्होंने सड़कों पर उतरकर, उदारीकरण, निजीकरण और भूमंडलीकरण की नीति के खि़लाफ़ अपनी आवाज़ बुलंद की। उन्होंने सरकार की मज़दूर-विरोधी,  किसान-विरोधी,  छात्र-विरोधी,  समाज-विरोधी और राष्ट्र-विरोधी नीतियों की जमकर निंदा की। धर्म के आधार पर लोगों को बांटने वाले नागरिकता संशोधन अधिनियम का विरोध करते हुए, इसे सरकार द्वारा देश को तोड़ने वाला क़दम बताते हुये मज़दूरों ने इसके खि़लाफ़ जमकर नारे लगाए।

Joint action of workers in ITO

मज़दूर वर्ग ने अपनी एकजुट ताक़त का प्रदर्शन किया। दिल्ली की आम जनता ने बडे़ पैमाने पर हड़ताल की कार्यवाही का समर्थन किया।

दिल्ली के औद्योगिक क्षेत्रों, ओखला, मंगोलपुरी, उद्योग नगर, लॉरेन्स रोड, बवाना, वजीरपुर, समयपुर बादली, कीर्तिनगर, रामारोड, नजफगढ़ रोड, नारायणा, मोतीनगर, मायापुरी, पटपड़ गंज, झिलमिल आदि में ट्रेड यूनियन संगठनों ने संयुक्त रैलियां निकालीं। इनमें महिला मज़दूरों की तादात काफी थी। अनेक फैक्ट्रियों के मज़दूरों ने अपना काम बंद करके, इन रैलियों में भाग लिया।

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कर्मचारियों ने हड़ताल में भाग लिया। दिल्ली विश्वविद्यालय परिसर में अध्यापकों, कर्मचारियों और छात्रों ने संयुक्त रूप से रैलियां निकालीं। उन्होंने मांग की कि केन्द्र सरकार बजट का दस फीसदी शिक्षा पर खर्च करे। उन्होंने जे.एन.यू. में हुई हिंसा के साथ-साथ, एन.आर.सी. और सी.ए.ए. का भी विरोध किया।

दिल्ली के विकास भवन पर आशा, मिड-डे-मील कर्मियों ने हड़ताल के समर्थन में धरना दिया। दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में डाक्टरों और कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर हड़ताल का समर्थन किया। सेंट्रल वेयरहाउसिंग कारपोरेशन के कर्मचारी हड़ताल में उतरे। एम.सी.डी., डी.टी.सी., बैंक व बीमा कर्मचारियों, निर्माण मज़दूरों व अन्य तमाम क्षेत्रों के मज़दूरों ने हड़ताल में भाग लिया।

दिल्ली में केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों व फेडरेशनों ने बहादुरशाह ज़फर मार्ग स्थित शहीद पार्क से एक संयुक्त जुलूस निकाला। अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों से आए हुए सैकड़ों मज़दूर इसमें शामिल हुए। यह जुलूस टाईम्स आफ इंडिया के ऑफिस के सामने पहुंचकर एक जनसभा में तब्दील हो गया। इस सभा को सीटू से तपन सेन, एटक से अमरजीत कौर, एच.एम.एस. से हरभजन सिंह, ए.आई.सी.सी.टी.यू. से राजीव डिमरी, यू.टी.यू.सी. से आर.एस. डागर, ए.आई.यू.टी.यू.सी. से आर.के. शर्मा, टी.यू.सी.सी. से जी. देवराजन, इंटक से अशोक सिंह और मज़दूर एकता कमेटी से प्रकाश राव ने संबोधित किया।

नोहर में जुलूस और जनसभा

Nohar march

8 जनवरी की सर्व हिन्द हड़ताल के तहत राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले की नोहर तहसील में मज़दूर एकता कमेटी और अखिल राजस्थान राज्य संयुक्त कर्मचारी महासंघ सहित कई अन्य संगठनों की अगुवाई में हड़ताल की गई। इस हड़ताल के दौरान किसानों ने अपना काम बंद रखा तथा इस इलाके में अनेक उद्योग-धंधे पूरी तरह से बंद रहे।

सैकड़ों किसानों और मज़दूरों ने नोहर में जुलूस निकाला। यह जुलूस पूरे शहर से गुजरता हुआ उपखंड अधिकारी के कार्यालय तक पहुंचा। जुलूस जिस सड़क से गुजरा वह इलाका - इंक़लाब ज़िंदाबाद!, निजीकरण मुर्दाबाद!, देश की सार्वजनिक संपत्ति को बेचना बंद करो!, पूंजीवाद मुर्दाबाद! के नारों से गूंज उठा। इसके बाद उपखंड अधिकारी के कार्यालय पर जोशपूर्ण जनसभा की गई। उपखंड अधिकारी को एक 16 सूत्रीय मांगपत्र प्रधानमंत्री के नाम और राजस्थान के मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया।

इस सभा को सभी संगठनों के प्रतिनिधियों ने संबोधित किया। संबोधित करने वालों में शामिल थे - लोक राज संगठन के सर्व हिन्द उपाध्यक्ष हनुमान प्रसाद शर्मा, मज़दूर एकता कमेटी से महबूब और मोहसिन, कर्मचारी महासंघ से शंकर देव और महावीर शर्मा, सीटू से कालू राम प्रधान, इंटक से पुष्पक शर्मा और शंकर सैनी, कृषि पर्यवेक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अमर सिंह सहारण आदि। इस मौके पर मोसीन खान, डा. कृष्ण नोखवाल, धर्मपाल खाती, रामसिंह सारस्वां, कामरेड अशोक और कामरेड गुलशन उपस्थित रहे।

मुम्बई मेंजगह-जगह धरना प्रदर्शन

Mumbai bank employees

मुंबई में मज़दूरों ने केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के 8 जनवरी की सर्व हिन्द हड़ताल के आह्वान का पूरे दिल से समर्थन किया। बैंक, इन्श्योरेंस और राज्य सरकार के मज़दूरों ने हड़ताल में भाग लिया। सुबह 11.30 से दोपहर 3 बजे तक आज़ाद मैदान में रैली आयोजित की जिसमें हजारों मज़दूरों ने भाग लिया। इसमें आशा मज़दूरों, आंगनवाडी मज़दूरों, स्कूल एवं कॉलेज शिक्षकों ने भी भाग लिया। मजगांव डॉक्स, भारत पेट्रोलियम के अलावा अनेक कारखानों के मज़दूरों ने भी हड़ताल की। भारत पेट्रोलियम के मज़दूरों को सायन से दादर तक मार्च करने की अनुमति नहीं दिए जाने के कारण उन्होंने रिफायनरी के गेट पर प्रदर्शन किया।

कामगार एकता कमेटी, एटक, सीटू, एच.एम.एस., इंटक, आदि संगठनों ने अंधेरी, भांडुप, चेम्बूर, दादर, ठाणे, आदि जगहों पर एक साथ रैलियां आयोजित कीं।

पुणे, नागपुर, औरंगाबाद जैसे महाराष्ट्र के अन्य बड़े शहरों में भी मज़दूरों ने हड़ताल की और रैलियां निकालीं।

छत्तीसगढ़: अंबिकापुर में धरना प्रदर्शन

8 जनवरी की सर्व हिन्द हड़ताल के मौके पर छत्तीसगढ़ के सरगुजा में अनेक विभागों के सरकारी कर्मचारियों, किसानों और मज़दूरों ने कलेक्टरेट के सामने धरना प्रदर्शन किया। हड़ताल के दौरान इलाके के सभी सरकारी कार्यालायों के कर्मचारियों ने काम नहीं किया और हड़ताल में हिस्सा लिया।

Chattisgarh

धरना प्रदर्शन को संबोधित करने वालों में - एम.आर. यूनियन से रघुनाथ प्रधान, यूनाईटेड फोरम आफ ट्रेड यूनियन्स से प्रवीण सिंह, अखिल भारतीय किसान सभा से अनिल हिनेदी, सीटू से प्रकाश नारायण सिंह, बी.एस.एन.एल. इंप्लाईज़ यूनियन से आर.के. मिन्ज, डाक कर्मचारी संघ से अलका दूबे, ए.आई.वाई.एफ. से चरणप्रीत अरोड़, डी.वाई.एफ.आई. से पार्थी मुखर्जी और छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के सरगुजा जिला अध्यक्ष अनन्त सिन्हा, आदि शामिल थे।

वक्ताओं ने सरकार की जन-विरोधी, मजदूर-विरोध, किसान- विरोधी और राष्ट्र-विरोधी नीतियों की आलोचना की। उन्होंने सरकार से मांग की कि रेलवे सहित सभी सरकारी संपत्ति के निजीकरण को तुरंत रोका जाये, श्रम कानूनों में किये गये बदलावों को वापस लिया जाये, किसानों की फ़सलों को दुगने दामों पर खरीदा जाये। उन्होंने कहा कि सी.ए.ए. और एन.आर.सी. को तुरंत रोका जाये।

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Jan 16-31 2020    Struggle for Rights    Rights     2020   

पार्टी के दस्तावेज

8 जनवरी, 2020 की सर्व हिन्द आम हड़ताल को सफल करें!

मज़दूर एकता कमेटी का आह्वान

देश की दिशा पूंजीपतियों की अमीरी को बढ़ा रही है और मज़दूर, किसान व सभी मेहनतकशों को ग़रीबी में धकेल रही है। इस रास्ते का विरोध करने के लिए और देश की दौलत पर अपने अधिकार का दावा करने के लिए यह हड़ताल आयोजित की जा रही है।

मेहनतकशों का है यह नारा, हम हैं इसके मालिक! हिन्दोस्तान हमारा!

thumbपूंजीपति वर्ग की राजनीतिक पार्टियां यह दावा करती हैं कि उदारीकरण, निजीकरण और भूमंडलीकरण के कार्यक्रम का कोई विकल्प नहीं है। परंतु सच तो यह है कि इसका विकल्प है। इसका विकल्प है अर्थव्यवस्था को एक नयी दिशा दिलाना, ताकि लोगों की जरूरतों को पूरा करने को प्राथमिकता दी जाए, न कि पूंजीपतियों की लालच को पूरा करने को। यह हिन्दोस्तान के नवनिर्माण का कार्यक्रम है।

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5th Congress Documentहिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव कामरेड लाल सिंह द्वारा, पार्टी की केन्द्रीय समिति की ओर से, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के पांचवें महाअधिवेशन को यह रिपोर्ट पेश की गई। महाअधिवेशन में इस पर चर्चा की गयी और इसे अपनाया गया। पांचवें महाअधिवेशन के फैसले के अनुसार, इस रिपोर्ट को सम्पादकीय शोधन के साथ, प्रकाशित किया जा रहा है।

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Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब, मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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