रसोई गैस की महंगाई के विरोध में प्रदर्शन

हरियाणा के कुरुक्षेत्र में जन संघर्ष मंच हरियाणा द्वारा 19 फरवरी, 2020 को रसोई गैस की क़ीमतों में की गई भारी वृद्धि के खि़लाफ़ डीसी दफ्तर कुरुक्षेत्र पर प्रदर्शन किया गया। इस दौरन प्रधानमंत्री के नाम उपायुक्त के मार्फत ज्ञापन डी.आर.ओ. कुरुक्षेत्र को सौंपा गया। जन संघर्ष मंच हरियाणा की वरिष्ठ नेता चंद्र रेखा व महासचिव सुदेश कुमारी के नेतृत्व में, प्रदर्शनकारी नए बस स्टैंड से केंद्र व राज्य सरकार के खि़लाफ़ नारे लगाते हुए, डी.सी. कुरुक्षेत्र के दफ़्तर पहुंचे व धरना दिया।

Jan sangharsh manch

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करने वालों में शामिल थे - जन संषर्घ मंच हरियाणा की महासचिव सुदेश कुमारी व चंद्र रेखा, उषा कुमारी, जिला प्रधान संसार चंद्र, प्रवक्ता डॉ लहना सिंह और सोमनाथ आदि तथा मनरेगा मज़दूर यूनियन के नेता मेवाराम और निर्माण कार्य मज़दूर मिस्त्री यूनियन के जिला प्रधान चांदीराम, आदि।

वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार ने रसोई गैस की क़ीमतों में भारी वृद्धि कर दी है। यह बढ़ोतरी घोर अन्यायपूर्ण है। डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस, कमर्शियल गैस के मूल्यों में होने वाली बढ़ोतरी की मार भी ग़रीब जनता पर ही पड़ती है।

वक्ताओं ने बताया कि सरकार ने केंद्रीय बजट में खाद्यान्नों व अन्य चीजों पर दी जाने वाली सब्सिडी में काफी कटौती कर दी है। जबकि कारपोरेट घरानों द्वारा बैंकों से कर्ज़ के रूप में लिए गए लाखों करोड़ रुपए माफ़ कर दिए हैं। सरकार ने कारपोरेट घरानों से लिए जाने वाले टैक्सों में भारी कमी कर दी है। परंतु पहले से ही बेरोज़गारी व महंगाई की मार से पीड़ित आम मेहनतकश जनता को रोज़-रोज़ लूटा जा रहा है।

वक्तओं समझाया कि देश की 73 प्रतिशत संपत्ति केवल 1 प्रतिशत जनसंख्या यानी अमीर लोगों के पास है जबकि देश की 99 प्रतिशत जनसंख्या के पास केवल 27 प्रतिशत संपत्ति ही है। बेरोज़गारी व महंगाई 45 वर्षों में सबसे चरम पर है। देश में मंदी छाई हुई है। मोदी व खट्टर सरकार लोगों का ध्यान भटकाने के लिए सी.ए.ए., एन.आर.सी. एन.पी.आर. जैसे असंवैधानिक व सांप्रदायिक मुद्दों पर लोगों को लड़वाना चाहती है।

उन्होंने आम जनता से आह्वान किया कि उपरोक्त मांगों को मनवाने के लिए सरकार के खि़लाफ़ जबरदस्त सतत आंदोलन गठित करने के लिए आगे आएं।

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Mar 1-15 2020    Struggle for Rights    Rights     2020   

पार्टी के दस्तावेज

8 जनवरी, 2020 की सर्व हिन्द आम हड़ताल को सफल करें!

मज़दूर एकता कमेटी का आह्वान

देश की दिशा पूंजीपतियों की अमीरी को बढ़ा रही है और मज़दूर, किसान व सभी मेहनतकशों को ग़रीबी में धकेल रही है। इस रास्ते का विरोध करने के लिए और देश की दौलत पर अपने अधिकार का दावा करने के लिए यह हड़ताल आयोजित की जा रही है।

मेहनतकशों का है यह नारा, हम हैं इसके मालिक! हिन्दोस्तान हमारा!

thumbपूंजीपति वर्ग की राजनीतिक पार्टियां यह दावा करती हैं कि उदारीकरण, निजीकरण और भूमंडलीकरण के कार्यक्रम का कोई विकल्प नहीं है। परंतु सच तो यह है कि इसका विकल्प है। इसका विकल्प है अर्थव्यवस्था को एक नयी दिशा दिलाना, ताकि लोगों की जरूरतों को पूरा करने को प्राथमिकता दी जाए, न कि पूंजीपतियों की लालच को पूरा करने को। यह हिन्दोस्तान के नवनिर्माण का कार्यक्रम है।

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5th Congress Documentहिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव कामरेड लाल सिंह द्वारा, पार्टी की केन्द्रीय समिति की ओर से, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के पांचवें महाअधिवेशन को यह रिपोर्ट पेश की गई। महाअधिवेशन में इस पर चर्चा की गयी और इसे अपनाया गया। पांचवें महाअधिवेशन के फैसले के अनुसार, इस रिपोर्ट को सम्पादकीय शोधन के साथ, प्रकाशित किया जा रहा है।

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Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब, मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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