प्राथमिक स्कूल के शिक्षकों का संघर्ष

21 फरवरी, 2020 को आल इंडिया प्राइमरी टीचर्स फेडरेशन (ए.आई.पी.टी.एफ.) और उसकी दिल्ली शाखा, अखिल दिल्ली प्राथमिक शिक्षक संघ (ए.डी.पी.एस.एस.) ने अपनी मांगों को लेकर दिल्ली में जंतर-मंतर पर एक प्रदर्शन आयोजित किया और अपने संघर्ष को जारी रखने का संकल्प किया।

Primary_Teachers

ए.आई.पी.टी.एफ. देशभर में करीब 30 लाख एलीमेंट्री स्कूल शिक्षकों का प्रतिनिधित्व करता है और 25 राज्यों में इसके 23 लाख सदस्य हैं। राज्य द्वारा चलाये जा रहे स्कूलों की गुणवत्ता को बेहतर करने और शिक्षकों के अधिकारों की हिफ़ाज़त करने के लिए वह लगातार संघर्ष करता आया है।

2006 से ए.डी.पी.एस.एस. लगातार नयी पेंशन योजना के खि़लाफ़ संघर्ष करता आया है और पुरानी पेंशन योजना को पुनः बहाल करने की मांग कर रहा है। अपनी मांगों को लेकर ए.डी.पी.एस.एस. ने देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और मानव संसाधन मंत्री को कई बार ज्ञापन देते हुए उनकी मांगों पर कार्यवाही करने की मांग की है।

संघर्ष कर रहे शिक्षकों की मांगों में शामिल है पुरानी पेंशन योजना की पुनः बहाली, प्राइमरी शिक्षकों के लिए 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करना, कॉन्ट्रैक्ट शिक्षकों को नियमित करना, नयी शिक्षा नीति 2019 में से शिक्षक-विरोधी प्रावधानों को हटाना, इत्यादि।

21 से 27 फरवरी के बीच ए.आई.पी.टी.एफ. ने अपनी मांगों के समर्थन में देशभर में कई प्रदर्शन और सभाएं आयोजित कीं।

Tag:   

Share Everywhere

Mar 1-15 2020    Struggle for Rights    Rights     2020   

पार्टी के दस्तावेज

8 जनवरी, 2020 की सर्व हिन्द आम हड़ताल को सफल करें!

मज़दूर एकता कमेटी का आह्वान

देश की दिशा पूंजीपतियों की अमीरी को बढ़ा रही है और मज़दूर, किसान व सभी मेहनतकशों को ग़रीबी में धकेल रही है। इस रास्ते का विरोध करने के लिए और देश की दौलत पर अपने अधिकार का दावा करने के लिए यह हड़ताल आयोजित की जा रही है।

मेहनतकशों का है यह नारा, हम हैं इसके मालिक! हिन्दोस्तान हमारा!

thumbपूंजीपति वर्ग की राजनीतिक पार्टियां यह दावा करती हैं कि उदारीकरण, निजीकरण और भूमंडलीकरण के कार्यक्रम का कोई विकल्प नहीं है। परंतु सच तो यह है कि इसका विकल्प है। इसका विकल्प है अर्थव्यवस्था को एक नयी दिशा दिलाना, ताकि लोगों की जरूरतों को पूरा करने को प्राथमिकता दी जाए, न कि पूंजीपतियों की लालच को पूरा करने को। यह हिन्दोस्तान के नवनिर्माण का कार्यक्रम है।

(Click thumbnail to download PDF)

5th Congress Documentहिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव कामरेड लाल सिंह द्वारा, पार्टी की केन्द्रीय समिति की ओर से, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के पांचवें महाअधिवेशन को यह रिपोर्ट पेश की गई। महाअधिवेशन में इस पर चर्चा की गयी और इसे अपनाया गया। पांचवें महाअधिवेशन के फैसले के अनुसार, इस रिपोर्ट को सम्पादकीय शोधन के साथ, प्रकाशित किया जा रहा है।

(Click thumbnail to download PDF)

Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

(Click thumbnail to download PDF)

यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)

यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब, मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)