राजस्थान में कर्मचारियों ने रिक्त पदों को भरने और पुरानी पेंशन बहाल करने की मांगों को लेकर प्रदर्शन किये

27 फरवरी को पूरे राजस्थान में अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के बैनर तले अनेक कर्मचारी संगठनों ने अलग-अलग जिला अधिकारियों के कार्यालयों पर धरना आयोजित किया।

RJ state employees

धरने के दौरान कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन स्कीम को लागू करवाने, सातवें वेतन आयोग का पूर्ण लाभ देने व अन्य मांगों को लागू करवाने के लिये आर-पार की लड़ाई लड़ने की घोषणा कर दी है। उन्होंने मांग की है कि सरकार चुनावों के वक्त की गई घोषणाओं को पूरा करे। विभिन्न जिलों में धरने के बाद सात सूत्री मांगों के ज्ञापन जिला अधिकारियों को सौंपे गये।

हनुमानगढ़ जिले में जिला अधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन किया गया। इस धरने को संगठन के वक्ताओं ने संबोधित किया।

27 फरवरी को हुई प्रेसवार्ता में अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के वरिष्ठ सदस्य और लोक राज संगठन के सर्व हिन्द उपाध्यक्ष हनुमान प्रसाद शर्मा ने कहा कि हर तरफ भ्रम की स्थिति है। हालत यह है कि रुपया लगातार गिर रहा है। जब हमने नौकरी शुरू की थी उस समय वेतन छह सौ रुपए हुआ करता था। उस वक्त इतने में भी खूब अच्छे से गुजारा हो जाता था। लेकिन आज वेतन पचास हजार हो गया है। लेकिन इतने वेतन में भी ज़िम्मेदारियां पूरी करने में दिक्कतें आ रही हैं। जबकि लोगों में भ्रम की स्थिति है कि कर्मचारियों को खूब तनख्वाह मिल रही है।

उन्होंने कहा कि आगामी आंदोलन को और तेज़ किया जायेगा, आंदोलन से पहले कर्मचारियों से कार्यालयों में संपर्क किया जायेगा। कर्मचारियों को बड़ी संख्या में आंदोलन को तेज़ करने के लिये तैयार किया जायेगा ताकि सरकार पर दबाव बनाया जा सके।

संयुक्त कर्मचारी संघ के पूर्व जिला अध्यक्ष पतराम भांभू, राजस्थान पटवार संघ जिला शाखा हनुमानगढ़ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष वीरेद्र पारीख, आदि ने भी प्रेस वार्ता को संबोधित किया।

मुख्य मांगें हैं:

  • विभागों का आकार घटाना व पदों की कटौती बंद की जाए।
  • रिक्त पदों को भरा जाये, राज्य सरकार के अधीन अस्थाई, संविदा, मानदेय, अनुबंध के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
  • राज्य सरकार के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में कार्यरत कर्मिकों को सातवें वेतन आयोग के परिलाभ स्वीकृत किये जाएं।
  • वर्ष 2004 के बाद नियुक्त राज्य कर्मचारी के लिए नई पेंशन योजना के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना को शीघ्र लागू किया जाये।
  • राज्य कर्मचारियों को 7, 14, 21, 28, 32 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण करने पर चयनित वेतनमान का लाभ देते हुए पदोन्नति पद का वेतनमान दिया जाए।
  • कर्मचारी कल्याण के लिए की गई घोषणा की क्रियान्विति में सभी अधीनस्थ, मंत्रालयिक सहायक कर्मचारियों एवं शिक्षकों की वेतन विसंगतियों को दूर किया जाए।
  • कर्मचारियों को मिल रही सुविधाओं को रोकने की कार्यवाही पर अविलम्ब रोक लगाई जाए।
  • महंगाई भत्ते सहित, रोकी गई अन्य सुविधाएं बहाल की जाएं।

विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी धरने में शामिल हुये और अनेक ने धरने को संबोधित किया। कृषि पर्यवेक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष अमर सिंह सहारण, राजस्थान पटवार संघ जिला शाखा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष वीरेंद्र पारीक, संयुक्त कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष चन्द्रभाण ज्याणी, एन.एम.ओ.पी.एस. के जिला अध्यक्ष व पटवार संघ के तहसील अध्यक्ष सुभाष जांगिड़, मंत्रालयिक कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष पवन पारीक, नल मज़दूर संघ जिलाध्यक्ष साजनराम बेनीवाल, शिक्षक संघ प्रगतिशील से राम लुभाया तिन्ना, शिक्षक संघ शेखावत से मनोहरलाल बंसल के अलावा लालचंद झोरड़, दीनदयाल शर्मा, नरेन्द्र सहारण, करणवीर भादू, सुरेश चैयल दीपक गुप्ता, विष्णु बिश्नोई, गुरविन्द्र रमाणा योगेश, आदि मौजूद रहे।

Tag:   

Share Everywhere

Mar 1-15 2020    Struggle for Rights    Rights     2020   

पार्टी के दस्तावेज

8 जनवरी, 2020 की सर्व हिन्द आम हड़ताल को सफल करें!

मज़दूर एकता कमेटी का आह्वान

देश की दिशा पूंजीपतियों की अमीरी को बढ़ा रही है और मज़दूर, किसान व सभी मेहनतकशों को ग़रीबी में धकेल रही है। इस रास्ते का विरोध करने के लिए और देश की दौलत पर अपने अधिकार का दावा करने के लिए यह हड़ताल आयोजित की जा रही है।

मेहनतकशों का है यह नारा, हम हैं इसके मालिक! हिन्दोस्तान हमारा!

thumbपूंजीपति वर्ग की राजनीतिक पार्टियां यह दावा करती हैं कि उदारीकरण, निजीकरण और भूमंडलीकरण के कार्यक्रम का कोई विकल्प नहीं है। परंतु सच तो यह है कि इसका विकल्प है। इसका विकल्प है अर्थव्यवस्था को एक नयी दिशा दिलाना, ताकि लोगों की जरूरतों को पूरा करने को प्राथमिकता दी जाए, न कि पूंजीपतियों की लालच को पूरा करने को। यह हिन्दोस्तान के नवनिर्माण का कार्यक्रम है।

(Click thumbnail to download PDF)

5th Congress Documentहिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव कामरेड लाल सिंह द्वारा, पार्टी की केन्द्रीय समिति की ओर से, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के पांचवें महाअधिवेशन को यह रिपोर्ट पेश की गई। महाअधिवेशन में इस पर चर्चा की गयी और इसे अपनाया गया। पांचवें महाअधिवेशन के फैसले के अनुसार, इस रिपोर्ट को सम्पादकीय शोधन के साथ, प्रकाशित किया जा रहा है।

(Click thumbnail to download PDF)

Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

(Click thumbnail to download PDF)

यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)

यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब, मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)