रेलवे में नौकरी के अभ्यार्थियों का धरना

2 मार्च, 2020 को भारतीय रेल द्वारा एक लाख से अधिक रिक्तियों पर भर्ती के लिये आवेदन करने वालों ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन किया। उनकी मांग है कि इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाये। उन्होंने इस संदर्भ में रेल मंत्री पीयूष गोयल को ज्ञापन सौंपा।

प्रदर्शनकारी अभ्यार्थियों का कहना है कि भारतीय रेल ने पिछले वर्ष 23 फरवरी, 2019 को आर.आर.सी. गु्रप-डी के लिये 1,03,769 पदों और 28 फरवरी, 2019 को आर.आर.बी. एन.टी.पी.सी. की 35,277 रिक्तयों पर भर्ती के लिये अभ्यार्थियों से आवेदन मंगाये थे। इन रिक्तियों पर भर्ती के लिये लगभग 2.5 करोड़ अभ्याथियों ने आवेदन किये थे। लेकिन सरकार ने अभी तक इस पर कोई भी कार्यवाही शुरू नहीं की है।

उनका कहना है कि लंबित भर्ती प्रक्रिया की समय सारिणी जारी करने की मांग हम समय-समय पर उठाते रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार इस पर तुरंत भर्ती प्रक्रिया शुरू करे ताकि हमें रोज़गार मिल सके। रोज़गार न होने के कारण हमारा जीवन दूभर हो गया है।

उनकी मांग है कि भर्ती प्रक्रिया की समय सारिणी तुरंत जारी की जाये। उन्होंने चेतावनी दी है कि भर्ती प्रक्रिया की समय सारिणी जारी नहीं होने तक वे नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आमरण अनशन पर बैठे रहेंगे।

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Mar 1-15 2020    Struggle for Rights    Rights     2020   

पार्टी के दस्तावेज

8 जनवरी, 2020 की सर्व हिन्द आम हड़ताल को सफल करें!

मज़दूर एकता कमेटी का आह्वान

देश की दिशा पूंजीपतियों की अमीरी को बढ़ा रही है और मज़दूर, किसान व सभी मेहनतकशों को ग़रीबी में धकेल रही है। इस रास्ते का विरोध करने के लिए और देश की दौलत पर अपने अधिकार का दावा करने के लिए यह हड़ताल आयोजित की जा रही है।

मेहनतकशों का है यह नारा, हम हैं इसके मालिक! हिन्दोस्तान हमारा!

thumbपूंजीपति वर्ग की राजनीतिक पार्टियां यह दावा करती हैं कि उदारीकरण, निजीकरण और भूमंडलीकरण के कार्यक्रम का कोई विकल्प नहीं है। परंतु सच तो यह है कि इसका विकल्प है। इसका विकल्प है अर्थव्यवस्था को एक नयी दिशा दिलाना, ताकि लोगों की जरूरतों को पूरा करने को प्राथमिकता दी जाए, न कि पूंजीपतियों की लालच को पूरा करने को। यह हिन्दोस्तान के नवनिर्माण का कार्यक्रम है।

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5th Congress Documentहिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव कामरेड लाल सिंह द्वारा, पार्टी की केन्द्रीय समिति की ओर से, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के पांचवें महाअधिवेशन को यह रिपोर्ट पेश की गई। महाअधिवेशन में इस पर चर्चा की गयी और इसे अपनाया गया। पांचवें महाअधिवेशन के फैसले के अनुसार, इस रिपोर्ट को सम्पादकीय शोधन के साथ, प्रकाशित किया जा रहा है।

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Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब, मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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