कामरेड नेजमिजे होजा के निधन पर भावपूर्ण श्रद्धांजली!

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केंद्रीय समिति का बयान, 3 अप्रैल 2020

26 फरवरी, 2020 को कामरेड नेजमिजे होजा का तिराना, अल्बानिया में 99 वर्ष की उम्र में निधन हो गया।

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केंद्रीय समिति इस बेहतरीन कम्युनिस्ट नेता की याद को सलाम करती है, जिन्होंने अपनी जवानी से लेकर अंतिम सांस तक अपना पूरा जीवन बड़ी अडिगता के साथ क्रांति और कम्युनिज्म की जीत के लिए समर्पित कर दिया।

नेजमिजे होजा को एक ऐसे बेहतरीन व्यक्तित्व के रूप में जाना जाएगा जिनके लिए अपने असूल अपनी जान से भी अधिक कीमती थे। 1991 में जब साम्राज्यवादियों के साथ सांठ-गांठ में देश के भीतर बैठे गद्दारों ने अल्बानिया में समाजवाद का विनाश किया, उस समय कामरेड नेजमिजे उन बदलते हालातों में एक चट्टान की तरह मजबूती से खड़ी रही। सबसे बदतर हालातों में भी वे कम्युनिज्म के प्रति अपने समर्पण से नहीं डगमगाईं। उन्होंने बड़ी बहादुरी के साथ पार्टी का, क्रांति का और कम्युनिज्म का झंडा ऊंचा उठाये रखा। अपने इस समर्पण के लिए उनको कई बार गिरफ़्तार किया गया और कई वर्षों के लिए जेल में डाला गया।

1997 में जेल से रिहाई के समय से लेकर अपनी अंतिम सांस तक उन्होंने कामरेड एनवर होजा के जीवन और कार्य की बहादुरी के साथ हिफाजत की, उनके द्वारा स्थापित और उनके अगुवाई में चलायी गयी पार्टी की हिफाजत की और अल्बानिया में स्थापित समाजवादी समाज की हिफाजत की। उनको इस बात पर पूरा विश्वास था कि अल्बानिया के लोग समाजवाद के विनाश से हुए असीम नुकसान से उबरकर फिर एक बार क्रांति और समाजवाद के रास्ते पर आगे बढ़ेंगे।

नेजमिजे होजा का जन्म 8 फरवरी 1921 को हुआ था। वे एक कम्युनिस्ट पार्टीसान लड़ाकू थीं जिन्होंने दूसरे विश्व युद्ध के दौरान इटली और जर्मनी की कब्ज़ाकारी सेनाओं से अपनी मातृभूमि की मुक्ति के संघर्ष में अल्बानिया के लोगों को लामबंद करने का कार्य किया था। 1939 में मुसोलिनी की अगुवाई में इटली के फासीवादियों ने अल्बानिया पर हमला कर दिया और उसपर कब्ज़ा जमा लिया था। नेजमिजे पितृसत्तात्मक बंधनों को तोड़कर, कब्ज़ाकारी ताक़तों के खि़लाफ़, छात्रों और नौजवानों की सक्रिय संगठनकर्ता बन गयी।

बहुत कम उम्र में नेजमिजे होजा कम्युनिज्म की ओर आकर्षित हुई और स्कोद्रा कम्युनिस्ट ग्रुप की सदस्य बन गयी। कामरेड एनवर होजा की अगुवाई में अल्बानियाई कम्युनिस्टों ने यह महसूस किया कि उस समय अल्बानिया में मौजूद तमाम कम्युनिस्ट दलों को एक माक्र्सवादी-लेनिनवादी कम्युनिस्ट पार्टी में एकजुट करना बेहद ज़रूरी है। कामरेड एनवर होजा ने 1941 में अल्बानिया की कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना करने में अल्बानिया के सभी कम्युनिस्टों को अगुवाई दी। नेजमिजे होजा पार्टी की स्थापना के समय से उसकी सदस्य रहीं।

अल्बानिया की कम्युनिस्ट पार्टी ने अल्बानिया के लोगों को इटली की कब्ज़ाकारी सेना के खि़लाफ़ अल्बानिया के राष्ट्रीय मुक्ति संग्राम के लिए लामबंध किया। इस कार्य के लिए पार्टी ने 1942 में फासीवाद-विरोधी राष्ट्रीय मुक्ति मोर्चे का गठन किया। नेजमिजे होजा ने इस मोर्चे के अधिवेशन में अल्बेनियन कम्युनिस्ट यूथ (अल्बानियाई कम्युनिस्ट नौजवान) की केंद्रीय समिति के प्रतिनिधि बतौर हिस्सा लिया। 

नवंबर 1944 में अल्बानिया की मुक्ति और देश में जनवादी लोकतंत्र (पीपुल्स डेमोक्रेसी) की स्थापना के बाद 46 वर्षों तक, जिस दौरान अल्बानिया समाजवाद के रास्ते पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा था, पार्टी ने नेजमिजे होजा को कई ज़िम्मेदारियां दीं।

कामरेड एनवर होजा की अगुवाई में पार्टी ऑफ लेबर ऑफ अल्बानिया (पी.एल.ए.) ने अल्बानियाई लोगों को एंग्लो अमरीकी साम्राज्यवादियों के खि़लाफ़ बहादुरी के साथ लड़ते हुए देश में समाजवाद का निर्माण करने में अगुवाई दी। एंग्लो अमरीकी साम्राज्यवादियों की कार्यवाहियों से अल्बानिया की आज़ादी पर ख़तरा था। स्टालिन के निधन के बाद जब सोवियत संघ ने श्रमजीवी अंतरराष्ट्रीयवाद के सिद्धांतों को त्याग दिया और दुनिया पर अपना दबदबा क़ायम करने के लिए अमरीका के साथ समझौता करने और होड़ लगाने लगा, उस समय पी.एल.ए. ने सोवियत संघ की माक्र्सवाद-लेनिनवाद विरोधी भूमिका का पर्दाफाश किया। पी.एल.ए. ने कभी भी उसूलों के साथ समझौता नहीं किया और जो कोई उन उसूलों के साथ गद्दारी करता था, उन सभी का पर्दाफाश किया, वे चाहे यूगोस्लाविया के नेता हों या फिर सोवियत संघ या चीन के नेता। समाजवाद के निर्माण के इस पूरे दौर में नेजमिजे होजा पार्टी की माक्र्सवादी-लेनिनवादी लाईन के प्रति पूरी तरह से वफादार रही और उसके उसूलों की हिफाजत करती रहीं।

सोवियत संघ में समाजवाद के विनाश और अल्बानिया में समाजवाद के विध्वंस के बाद दुनिया में ऐसे कई लोग थे जिन्होंने कम्युनिज्म के लाल झंडे को त्याग दिया और कम्युनिज्म के रास्ते को छोड़ दिया। 

कामरेड नेजमिजे होजा को एक ऐसे असाधारण कम्युनिस्ट व्यक्ति के रूप में याद रखा जायेगा जिन्होंने बड़ी बहादुरी के साथ क्रांति और समाजवाद की उपलब्धियों की हिफाज़त की।

नेजमिजे होजा का जीवन और उनका कार्य सभी कम्युनिस्टों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत है। हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केंद्रीय समिति कामरेड नेजमिजे होजा के दुखद निधन पर उनके पूरे परिवार और सभी अल्बानियाई कम्युनिस्टों के प्रति हार्दिक संवेदना प्रकट करती है।  

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Apr 1-15 2020    Statements    Rights     2020   

पार्टी के दस्तावेज

8 जनवरी, 2020 की सर्व हिन्द आम हड़ताल को सफल करें!

मज़दूर एकता कमेटी का आह्वान

देश की दिशा पूंजीपतियों की अमीरी को बढ़ा रही है और मज़दूर, किसान व सभी मेहनतकशों को ग़रीबी में धकेल रही है। इस रास्ते का विरोध करने के लिए और देश की दौलत पर अपने अधिकार का दावा करने के लिए यह हड़ताल आयोजित की जा रही है।

मेहनतकशों का है यह नारा, हम हैं इसके मालिक! हिन्दोस्तान हमारा!

thumbपूंजीपति वर्ग की राजनीतिक पार्टियां यह दावा करती हैं कि उदारीकरण, निजीकरण और भूमंडलीकरण के कार्यक्रम का कोई विकल्प नहीं है। परंतु सच तो यह है कि इसका विकल्प है। इसका विकल्प है अर्थव्यवस्था को एक नयी दिशा दिलाना, ताकि लोगों की जरूरतों को पूरा करने को प्राथमिकता दी जाए, न कि पूंजीपतियों की लालच को पूरा करने को। यह हिन्दोस्तान के नवनिर्माण का कार्यक्रम है।

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5th Congress Documentहिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव कामरेड लाल सिंह द्वारा, पार्टी की केन्द्रीय समिति की ओर से, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के पांचवें महाअधिवेशन को यह रिपोर्ट पेश की गई। महाअधिवेशन में इस पर चर्चा की गयी और इसे अपनाया गया। पांचवें महाअधिवेशन के फैसले के अनुसार, इस रिपोर्ट को सम्पादकीय शोधन के साथ, प्रकाशित किया जा रहा है।

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Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब, मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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