महामारी के दौरान दुनियाभर में मज़दूरों का संघर्ष जारी है

दुनियाभर में फैली महामारी ने मेहनतकश लोगों के लिए और मुश्किल हालात पैदा कर दिए हैं। पूंजीपति यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि स्वास्थ्य संकट का बोझ मज़दूरों द्वारा झेला जाये और इस तरह  उनका अपना मुनाफ़ा बरकरार रह सकता है। मज़दूर अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं, एक सम्मानजनक जीवन जीने के अपने अधिकार के लिए, अपनी आजीविका के अधिकार के लिए, वर्तमान स्वास्थ्य आपातकाल की हालतों के दौरान अपने काम के स्थानों पर सुरक्षित काम करने के हालातों को सुनिश्चित करने अपने अधिकार के लिए। हम आपके लिए हाल ही के सप्ताहों में मज़दूरों के कुछ बहादुर संघर्षों की रिपोर्ट पेश कर रहे है।

अमरीका

महामारी के दौरान काम की सुरक्षित परिस्थितियों को सुनिश्चित करने के लिए परिवहन कर्मचारी बहादुरी से लड़ रहे हैं। 17 मार्च, 2020 को डेट्रायट शहर में बस ड्राइवरों ने बस सेवाओं को बंद करके, काम कर पाने की  अपनी सुरक्षित परिस्थितियों की मांगों को जीता - जिसमें किराए का निलंबन, पीछे के दरवाज़े से यात्रियों का प्रवेश और बस ड्राइवरों के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) भी शामिल हैं।

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अमरीका में उबर चालकों को प्रदर्शन

बर्मिंघम में भी कई ड्राइवरों ने 23 मार्च को काम करने से इनकार कर दिया और ट्रांजिट प्राधिकरण से अपनी सुरक्षा बढ़ाने की मांग को जीता। उन्होंने कई सुरक्षा उपायों को लागू करने की अपनी मांगों को जीतने को बाद, अगले दिन से काम पर वापस आने का फैसला किया। उनकी मांगें जो प्रशासन द्वारा मंजूर की गयीं, उनमें एक यह आदेश भी शामिल था कि यात्री बसों में सवार होने और बाहर निकलने के लिए केवल पीछे के दरवाजे़ का उपयोग करें, सवारियों से दूरी बनाने के लिए ऑपरेटर के बैठने के क्षेत्र को बैरियर लगाकर सुरक्षित किया जाये और प्रत्येक बस में, उसके साइज के अनुसार, केवल 15 से 19 यात्रियों को सफर करने की अनुमति दी जाये। इसी प्रकार वर्जीनिया, उत्तरी कैरोलिना और अलबामा जैसे अन्य राज्यों में भी वहां के बस ड्राइवरों द्वारा संघर्ष किये गए और उनको सफलता मिली। अमरीका के परिवहन कर्मचारी भी यह सुनिश्चित करने के लिए लड़ रहे हैं कि उनकी छंटनी और बर्खास्तगी न हो।

उबेर और लिफ्ट जैसी टैक्सी चलाने वाली कंपनियों का दावा है कि उनके टैक्सी ड्राइवर ”ठेकेदार” हैं, कर्मचारी नहीं; यह इसलिए ताकि उन्हें अपने टैक्सी ड्राइवरों को उनके मज़दूर अधिकारों, जैसे कि बीमार होने पर छुट्टी, न्यूनतम वेतन, सामाजिक सुरक्षा के फायदे और यहां तक कि अपनी यूनियन बनाने के बुनियादी अधिकार से वंचित रखा जाये। उनके बेजोड़ संघर्षों के कारण, कैलिफोर्निया की राज्य विधानसभा ने उन्हें मज़दूरों के रूप में मान्यता देते हुए, एक कानून पारित किया था। लेकिन उबेर और लिफ्ट जैसी कंपनियों ने उस कानून को लागू करने से इनकार कर दिया। उन्हें कानून को करने को मजबूर करने के लिए, उबेर और लिफ्ट के ड्राइवरों ने 12 मई को बड़े पैमाने पर कारों का एक कारवां आयोजन किया, जो सैन फ्रांसिस्को शहर के मुख्य बाज़ार से गुजरा और उबेर के मुख्यालय के चारों ओर चक्कर लगाये। ड्राइवरों ने अपनी मांग रखी कि ऐप-आधारित राइड-शेयरिंग कम्पनियां, जैसे कि उबेर और लिफ्ट, राज्य के कानून को मानें, जो सभी ड्राइवरों को मज़दूरों का दर्ज़ा देता है और उनको वे सभी सुविधाएं, सुरक्षा और हक़ प्रदान करने का इंतज़ाम करें, जो उनको मज़दूर होने के नाते कानूनन मिलने चाहिएं।

अमरीका में ट्रक ड्राइवर यह सुनिश्चित करने के लिए लड़ रहे हैं कि उन्हें अपने काम के लिए उचित मूल्य मिले और बिचैलियों को बहुत सारे पैसे न देने पड़ें। इस महामारी के दौरान, परिवहन उद्योग में दरों में भारी गिरावट के विरोध में, कनेक्टिकट, कैलिफोर्निया, टेक्सास, ओहायो और केंटकी सहित कई राज्यों में रैलियों का आयोजन किया गया। मई दिवस के अवसर पर देश की राजधानी वाशिंगटन डी.सी. में कैपिटल हिल के आसपास के क्षेत्र में सैकड़ों ट्रक चालकों ने अपने ट्रकों को खड़ा करके अपने विरोध प्रदर्शन को आयोजित किया।

अमरीका की बहुराष्ट्रीय कंपनी अमेजॅन के मज़दूर अपने कार्य क्षेत्रों में, असुरक्षित काम की परिस्थितियों का विरोध करने और उनको बेहतर व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) देने की अपनी मांग के समर्थन में लगातार संघर्ष कर रहे हैं।

कनाडा

ओंटारियो और कनाडा के अन्य हिस्सों में, नर्स और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी, यह सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं कि उन्हें सही गुणवत्ता वाले, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) दिए जाएं, जैसे कि एन-95 मास्क, जिसके द्वारा वे अपने काम करने के स्थानों पर उन सभी जोखिमों का, जिनको उन्हें झेलना पड़ता है, उनका सही माने में सामना करने में सक्षम हों। उन्होंने यह भी मांग की है कि अगर कोई स्वास्थ्य कर्मी कोविड-19 का शिकार हो जाता है, तो इसे कार्य से संबंधित ख़तरा माना जाना चाहिए और उन्हें इसके अनुरूप सभी सुविधाएं और मुआवज़ा मिलना चाहिए।

बेरोज़गार मज़दूरों के संगठन ये मांग करते आये हैं कि कनाडा में केंद्र सरकार इन सभी मज़दूरों को तुरंत बेरोज़गारी बीमा प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करे और इन सुविधाओं के अधिकार की अवधि और बेरोज़गारी भत्ते की राशि या दोनों को बढ़ाया जाये। कोविड-19 महामारी के कारण बेरोज़गार मज़दूरों को इस समय बहुत अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां सामयिक कार्य आम बात है।

उरुग्वे

उरुग्वे की सबसे बड़ी सुपरमार्केट श्रृंखला और डिस्को के मज़दूरों ने अपने कुछ सहयोगियों के संक्रमित होने के बाद कोविड-19 के संक्रमण से सभी मज़दूरों को बचाने के लिए प्रबंधन ने कोई सुरक्षात्मक कार्रवाई नहीं की, इस लापरवाही और विफलता के विरोध में 2 मई को मज़दूरों एक दिन की हड़ताल की। डिस्को वर्कर्स सिंडिकेट के अनुसार, मोंटेवीडियो के तटीय उपनगर पुंटा कारेटास में कोविड-19 से संक्रमण के चार मामलों का पता चला है। दो अप्रैल से दो मई के बीच में।

पेरू

पेरू में 19 मई को कोविड-19 का सामना करने के लिए नर्सों ने, अधिक वेतन और बेहतर काम करने की परिस्थितियों और सुविधाओं की मांग के को लेकर, उत्तर-पश्चिमी पेरू शहर के ट्रूजिलो के अस्पताल बेलेन में एक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। नर्सों को कोविड-19 से संक्रमण के डर के डर का निरंतर सामना करना पड़ता है क्योंकि उन्हें व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने अपने सहकर्मियों को मरते हुए देखा है और उन्हें हमेशा यह डर सताता रहता है कि वे अपने काम के स्थानों से कोविड के सक्रमण को घर लाकर अपने परिवार के और लोगों को भी संक्रमित कर देंगे।

डोमिनिकन गणराज्य

डोमिनिकन गणराज्य के बाराहोना शहर में, मुक्त व्यापार क्षेत्र के एक कपड़े के बड़े कारखाने के मज़दूर 28 अप्रैल से एक लड़ाकू संघर्ष कर रहे हैं। उनकी मांग है कि प्रबंधन उन्हें उचित वेतन दे और अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आई.एल.ओ.) द्वारा सुझाए गए सुरक्षात्मक उपायों को कंपनी में लागू करे। इनमें मास्क और दस्ताने, काम के स्थानों पर कर्मचारियों के बीच में न्यूनतम दूरी का प्रावधान, प्रवेश पर तापमान की जांच और कीटाणुनाशक दवाई, आदि का प्रावधान शामिल हैं। उन्होंने मांग की है कि इस अवधि के लिए, जब महामारी के प्रसार को रोकने के लिए किये गए उपायों के कारण उत्पादन रुका हुआ था, उस अवधि के लिये मज़दूरों को पूर्ण वेतन दिया जाये।

ब्रिटेन

ब्रिटेन में एयरलाइन उद्योग के मज़दूरों की बड़े पैमाने पर छंटनी के खि़लाफ़ बहुत बड़े विरोध प्रदर्शन हुए हैं। ब्रिटिश एयरवेज़ ने 28 अप्रैल को एकतरफा घोषणा की कि उसको एयरलाइन को अब 12,000 कर्मचारियों की ज़रूरत नहीं होगी। यह ब्रिटिश एयरवेज़ के मज़दूरों की पूरी संख्या का एक चैथाई हिस्सा है। इस घोषणा को तुरंत मज़दूरों और उनकी यूनियनों द्वारा गैरकानूनी और अनैतिक बताया गया और उन्होंने मांग की कि जिस घोषणा के कारण मज़दूरों के पर बेरोज़गार हो जाने का जो खतरा मंडरा रहा है, उसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। यूनियन ने ये भी ऐलान किया है कि जिस पैमाने पर मज़दूरों को नौकरी से निकालने की बात चल रही है, उससे ब्रिटिश विमानन क्षेत्र को जो कोविड के संकट के कारण पहले से ही बेहद नाजुक स्थिति में है, उसको और भी अस्थिर बना देगा। यह सिर्फ ब्रिटिश एयरवेज़ में ही नहीं, बल्कि पूरे देश में कई हजार और मज़दूरों की नौकरियों को भी ख़तरे में डाल देगा।

रेयानयर ने 1 मई को घोषणा की कि उसकी योजना के अनुसार उसको यूरोप में अपने 3,000 कर्मचारियों की ज़रूरत नहीं है और वह शेष अन्य कर्मचारियों के वेतन में कटौती की योजना भी बना रहा है। एयरलाइन मज़दूरों की यूनियनों ने इन योजनाओं की निंदा की है और मांग की है कि सरकार एयरलाइनों को अपने कर्मचारियों को नौकरी पर बरकरार रखने के सख़्त निर्देश दे।

बेल्जियम

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ब्रसेल्स में बस और ट्राम चालकों को प्रदर्शन

सार्वजनिक परिवहन के कर्मचारी - बस और ट्राम चालक - बेल्जियम में 11 मई से हड़ताल पर हैं, उनकी मांग है कि उनके काम करने की स्थिति और सुविधाएं सुरक्षित बनाई जाएं। वे मांग कर रहे हैं कि बस यात्रियों को फेस मास्क पहनना आवश्यक किया जाये और यात्रियों की संख्या को भी सीमित किया जाना चाहिए। बस सेवा के कई मार्गों को कुछ दिनों तक नहीं चलाया जा सका क्योंकि 80 प्रतिशत बस चालक और ट्राम चालकों के एक बड़े हिस्से ने इन हालातों में काम पर आने से इनकार कर दिया।

ग्रीस

13 मई को एथेंस में संसद के बाहर, ग्रीस के शिक्षकों के विरोध प्रदर्शन के समर्थन में छात्र भी शामिल हुए। ग्रीक प्राइमरी टीचर्स फेडरेशन, सेकेंडरी टीचर्स यूनियन एंड फेडरेशन ऑफ़ प्राइवेट स्कूल टीचर्स ने कक्षा में एक कैमरे के उपयोग से दूरस्थ शिक्षा चलाने के लिए ग्रीक सरकार की योजनाओं का विरोध किया है। इस योजना के अनुसार, शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को उनका पाठ घर पर स्ट्रीम किया जायेगा। ये उपाय कोविड-19 के संकट के लिए सरकार की प्रतिक्रिया का हिस्सा हैं। शिक्षकों का कहना है कि यह उन विद्यार्थियों की गोपनीयता से समझौता करेगा जो कक्षा में पाठ के प्रसारण के समय उपस्थित रहते हैं। शिक्षक और शिक्षक संगठन, शिक्षक मूल्यांकन की नयी योजनाओं को लागू करने, कक्षा में छात्रों की संख्या को बढ़ाने और स्कूल के विलय आदि, अन्य सरकारी योजनाओं का भी विरोध कर रहे हैं।

दक्षिणी अफ्रीका

कोविड-19 के संक्रमण से निपटने के लिए सुरक्षा और उपयुक्त संसाधनों की कमी के विरोध में, दक्षिण अफ्रीका की गोल्डन एरो कंपनी के बस चालक 7 मई को काम पर नहीं आये। केंद्रीय इंजीनियरिंग डिपो में कोरोनावायरस से 12 इंजीनियर संक्रमित पाए गए, जिसके विरोध में काम पर सुरक्षित परिस्थितियों की मांग करते हुए, उन्होंने केप टाउन के मोंटाना में बस डिपो के सामने धरना आयोजित किया। इस बस कंपनी में पूरे देश में लगभग 2,900 मज़दूर काम करते है। पिछले पंद्रह दिनों में, एक इंजीनियर की मृत्यु हो गई और कम से कम पांच अन्य लोग विभिन्न डिपो में कोविड से संक्रमित पाए गए।

गोल्डन एरो कर्मचारियों ने शिकायत की कि उन्हें महामारी के दौरान सुरक्षा के बारे में कोई निर्देश नहीं दिए गये हैं। उन्होंने मांग की है कि स्वास्थ्य विभाग के एक प्रतिनिधि को भेजा जाये जो उनको कोविड संक्रमण से बचने के लिए सभी मज़दूरों को प्रशिक्षित करे। उन्होंने यह भी मांग की कि डिपो को बंद करके पहले उसको अच्छी तरह से साफ किया जाए और नियमित रूप से सभी मज़दूरों का परीक्षण किया जाए जिससे ये पता चल सके कि कोई संक्रमित तो नहीं है।

पोर्ट एलिजाबेथ में नर्सों ने कोविड-19 से एक नर्स की मृत्यु और अन्य 11 नर्सों के संक्रमित पाए जाने के बाद, ज्वाइड क्लीनिक को बंद करके अच्छी तरह से सफाई करने के लिए नर्सों ने प्रबंधन को मजबूर किया। कुछ दिन पहले कर्मचारियों ने प्रबंधन को एक सफाई कंपनी को लाने के लिए मजबूर किया था। उन्हें बाद में पता चला कि उनके संघर्ष के बाद भी जिस क्लीनिक में मृत नर्स काम करती थी उसको साफ करने के बजाय केवल वहां की फार्मेसी को साफ किया गया था। कर्मचारियों ने पर्याप्त व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) की भी मांग की। नर्सों को पूरे दिन केवल एक फेस मास्क पहने रहना पड़ता है, जो उनके लिए ख़तरनाक है।

केप टाउन के टाइगरबर्ग अस्पताल में कोविड-19 संक्रमण से दो नर्सों की मौत हो गई। दक्षिण अफ्रीका के डेमोक्रेटिक नर्सिंग संगठन ने कहा कि संक्रमित नर्सों को अपनी छुट्टियों का उपयोग करके अपने स्वयं के खर्च से घर पर अपने को अलग करके रखना पड़ता है। पीपीई की कमी को लेकर, डरबन के दो निजी अस्पतालों में स्वास्थ्य कर्मचारियों ने काम पर आने का विरोध किया। डरबन के बाहरी इलाके में सेंट ऑगस्टाइन में भी, 45 कर्मचारी संक्रमित पाए गए।

जोहान्सबर्ग में यूनिबिस्को बिस्कुट नामक एक बड़े बिस्कुट कारखाने में मज़दूरों ने तालाबंदी की अवधि के दौरान बीमा भुगतान की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। सरकार का दावा है कि उसने तालाबंदी के दौरान, जो मार्च के अंत में शुरू हुई थी, मज़दूरों के वेतन को कवर करने के लिए 24 अप्रैल को बेरोज़गार बीमा कोष (यूआईएफ) का पैसा कंपनी को हस्तांतरित कर दिया था।

अफ्रीका के अन्य देश

जिम्बाब्वे में शिक्षकों ने काम पर लौटने से इनकार कर दिया है जब तक कि उन्हें मुफ्त मास्क और हैंड सैनिटाइजर उपलब्ध नहीं कराया जाता।

मॉरिटानिया में सोने की खदानों के मज़दूरों ने 5 मई को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला किया, ताकि कोरोनोवायरस से ख़तरे में सुरक्षित काम करने की स्थिति के बारे में तुरंत उपयुक्त क़दम लिए जायें।

किन्नरो कैनेडियन गोल्ड कॉरपोरेशन समूह के स्वामित्व वाली तस्विस्ट की सोने की खान में काम करने वाले मज़दूरों की मांग है कि कंपनी श्रम कानूनों और नियमों का पालन करे, जो महामारी से निपटने के लिए लाए गए थे, विशेष रूप से काम पर करने आये नए मज़दूरों को कम से कम 14 दिन तक अलग क्वारंटाइन में रहने की व्यवस्था लागू की जाये।

ये कुछ रिपोर्ट्स अभी दुनियाभर में चल रही महामारी के दौरान मज़दूरों के बहादुर संघर्षों का एक नमूना हैं। ये एक बेहतर दुनिया के लिए मज़दूर वर्ग के संघर्ष को आगे बढ़ाने के लिए एक प्रेरणा हैं।

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Jun 1-15 2020    Struggle for Rights    World/Geopolitics    Rights     2020   

पार्टी के दस्तावेज

8 जनवरी, 2020 की सर्व हिन्द आम हड़ताल को सफल करें!

मज़दूर एकता कमेटी का आह्वान

देश की दिशा पूंजीपतियों की अमीरी को बढ़ा रही है और मज़दूर, किसान व सभी मेहनतकशों को ग़रीबी में धकेल रही है। इस रास्ते का विरोध करने के लिए और देश की दौलत पर अपने अधिकार का दावा करने के लिए यह हड़ताल आयोजित की जा रही है।

मेहनतकशों का है यह नारा, हम हैं इसके मालिक! हिन्दोस्तान हमारा!

thumbपूंजीपति वर्ग की राजनीतिक पार्टियां यह दावा करती हैं कि उदारीकरण, निजीकरण और भूमंडलीकरण के कार्यक्रम का कोई विकल्प नहीं है। परंतु सच तो यह है कि इसका विकल्प है। इसका विकल्प है अर्थव्यवस्था को एक नयी दिशा दिलाना, ताकि लोगों की जरूरतों को पूरा करने को प्राथमिकता दी जाए, न कि पूंजीपतियों की लालच को पूरा करने को। यह हिन्दोस्तान के नवनिर्माण का कार्यक्रम है।

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5th Congress Documentहिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव कामरेड लाल सिंह द्वारा, पार्टी की केन्द्रीय समिति की ओर से, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के पांचवें महाअधिवेशन को यह रिपोर्ट पेश की गई। महाअधिवेशन में इस पर चर्चा की गयी और इसे अपनाया गया। पांचवें महाअधिवेशन के फैसले के अनुसार, इस रिपोर्ट को सम्पादकीय शोधन के साथ, प्रकाशित किया जा रहा है।

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Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब, मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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