डॉक्टर और स्वास्थ्य मज़दूरों ने सरकार द्वारा बदले गए क्वारंटाइन के दिशा-निर्देशों के खि़लाफ़ विरोध प्रदर्शन किया

22 मई को देशभर में कोविड-19 के रोगियों का उपचार करने वाले डॉक्टर और स्वास्थ्य मज़दूरों ने केंद्र और कुछ राज्यों के स्वास्थ्य विभागों द्वारा जारी परिवर्तित क्वारंटाइन दिशा-निर्देशों के खि़लाफ़ विरोध प्रदर्शन किया। हमें याद होगा की स्वस्थ्य मंत्रालय ने 15 मई को कोविड-19 के रोगियों का उपचार करने वाले स्वास्थ्य मज़दूरों के लिए क्वारंटाइन नियमों में बदलाव घोषित किये थे। बदले हुए नियमों के अनुसार कर्मचारियों को केवल तब क्वारंटाइन किया जाएगा जब वे किसी ”अति ख़तरे वाले रोगी के संपर्क“ में आएंगे या अगर उन कर्मचारियों में कोविड-19 के लक्षण पाए जाएंगे।  जबकि पहले के नियमों के अनुसार, सभी कर्मचारियों को 14 दिनों की कोविड ड्यूटी के बाद 14 दिन के लिए क्वारंटाइन करने की सलाह थी।

रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन (आर.डी.ए.) और दीप चांद बाबू सरकारी अस्पताल की डॉक्टर यूनियन, संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल, लेडी हार्डिंग, लोक नायक अस्पताल और दिल्ली के राम मनोहर लोहिय अस्पताल ने इस विरोध प्रदर्शन में भाग लिया। फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने यह बदलाव वापस लेने के लिए केंद्र स्वास्थ्य मंत्रालय को एक पत्र भी लिखा था। ए.आई.आई.एम.एस. दिल्ली के रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने भी डॉक्टर रणदीप गुलेरिया को एक पत्र लिखा जिसमें उन्होंने क्वारंटाइन के परिवर्तित दिशा-निर्देशों की कड़े शब्दों में निंदा की थी। डॉक्टरों ने यह डर व्यक्त किया है कि ”कई डॉक्टरों में कोई लक्षण नहीं दिखाई देने के बावजूद वे कोविड-19 से ग्रस्त पाए जा रहे हैं“। उन्होंने सरकार के नई दिशा-निर्देशों को ”अवैज्ञानिक और अवैध“ बताया है और यह भी चेतावनी दी है कि स्वास्थ्य कर्मचारियों के मौजूदा क्वारंटाइन दिशा-निर्देशों को बदलना ”देश में महामारी को रोकने के प्रयासों पर हानिकारक साबित हो सकता है“।

Tag:   

Share Everywhere

Jun 1-15 2020    Struggle for Rights    Rights     2020   

पार्टी के दस्तावेज

8 जनवरी, 2020 की सर्व हिन्द आम हड़ताल को सफल करें!

मज़दूर एकता कमेटी का आह्वान

देश की दिशा पूंजीपतियों की अमीरी को बढ़ा रही है और मज़दूर, किसान व सभी मेहनतकशों को ग़रीबी में धकेल रही है। इस रास्ते का विरोध करने के लिए और देश की दौलत पर अपने अधिकार का दावा करने के लिए यह हड़ताल आयोजित की जा रही है।

मेहनतकशों का है यह नारा, हम हैं इसके मालिक! हिन्दोस्तान हमारा!

thumbपूंजीपति वर्ग की राजनीतिक पार्टियां यह दावा करती हैं कि उदारीकरण, निजीकरण और भूमंडलीकरण के कार्यक्रम का कोई विकल्प नहीं है। परंतु सच तो यह है कि इसका विकल्प है। इसका विकल्प है अर्थव्यवस्था को एक नयी दिशा दिलाना, ताकि लोगों की जरूरतों को पूरा करने को प्राथमिकता दी जाए, न कि पूंजीपतियों की लालच को पूरा करने को। यह हिन्दोस्तान के नवनिर्माण का कार्यक्रम है।

(Click thumbnail to download PDF)

5th Congress Documentहिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव कामरेड लाल सिंह द्वारा, पार्टी की केन्द्रीय समिति की ओर से, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के पांचवें महाअधिवेशन को यह रिपोर्ट पेश की गई। महाअधिवेशन में इस पर चर्चा की गयी और इसे अपनाया गया। पांचवें महाअधिवेशन के फैसले के अनुसार, इस रिपोर्ट को सम्पादकीय शोधन के साथ, प्रकाशित किया जा रहा है।

(Click thumbnail to download PDF)

Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

(Click thumbnail to download PDF)

यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)

यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब, मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)


Fatal error: Call to undefined method Drupal::time() in /home/mazdoor8/public_html/cgpid8/modules/backup_migrate/src/Entity/Schedule.php on line 153