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  • बुधवार, मार्च 4, 2020 - 13:18
    Against delhi violence

    हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति का बयान, 26 फरवरी, 2020

    24 फरवरी से पूर्वी दिल्ली में पेट्रोल बमों, पिस्तौलें, लाठियों, पत्थरों, तलवारों आदि से लैस गुंडे खुलेआम घूम रहे हैं और भयानक हिंसा व अराजकता फैला रहे हैं।

    उन्होंने मस्जिदों और कब्रिस्तानों पर हमला किया है और तोड़-फोड़ किया है। उन्होंने घरों, दुकानों और कारोबारों को निशाना बनाकर, बड़े पैमाने पर आगजनी और लूट-पाट की है।

    जो मंजर सामने आ रहा है, वह साफ-साफ राज्य द्वारा आयोजित, लोगों पर चलायी गयी आतंक की मुहिम है। सालों-सालों से अपने अधिकारों के लिए मिलकर संघर्ष करने के दौरान हम सभी अलग-अलग मजहबों के लोगों ने जो आपसी एकता बनाई है, इस एकता को चकनाचूर करना ही राज्य का मक़सद है। सी.ए.ए., एन.आर.सी. और एन.पी.आर. के खि़लाफ़ सभी समुदायों की महिलाओं और पुरुषों के इस एकजुट संघर्ष को तोड़ना ही राज्य का इरादा है।

  • बुधवार, मार्च 4, 2020 - 13:14
    Poster against american war mongering

    अमरीका के राष्ट्रपति, डोनल्ड ट्रम्प ने 24-25 फरवरी, 2020 को हिन्दोस्तान का दौरा किया।

    यह दौरा दिखाता है कि हिन्दोस्तानी इजारेदार पूंजीपति और अमरीकी इजारेदार पूंजीपति हिन्द-अमरीकी संबंधों को मजबूत करना कितना महत्वपूर्ण समझते हैं।

    इस दौरे में दोनों देशों ने अपने बीच सैनिक रणनैतिक गठबंधन को मजबूत करने पर मुख्य ज़ोर दिया।

  • बुधवार, मार्च 4, 2020 - 13:12
    Demo of communist parties

    24 फरवरी, 2020 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रप की हिन्दोस्तान यात्रा के खि़लाफ़ कम्युनिस्ट पार्टियों, ट्रेड यूनियनों, प्रगतिशील जन संगठनों और मानवाधिकार संगठनों ने मिलकर धरना आयोजित किया।

    यह धरना आल इंडिया पीस एंड सोलिडेरीटी ऑरगेनाइजेशन के तहत किया गया था।

  • बुधवार, मार्च 4, 2020 - 13:11
    Pulwama_Anniversary meeting in Shaheen bagh

    14 फरवरी को सैकड़ों महिलाओं, नौजवानों, छात्रों, शिक्षकों और नागरिकों ने जम्मू-श्रीनगर महामार्ग पर पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए सी.आर.पी.एफ. के जवानों की याद में जामिया मिलिया मेट्रो स्टेशन से जामिया विश्वविद्यालय तक जुलूस निकाला।

    जुलुस में शामिल लोग सी.आर.पी.एफ. के जवानों पर हुए हमले की निंदा करते हुए, प्लेकार्ड हाथों में लिए हुए थे। साथ ही वे अपने हाथों में सी.ए.ए., एन.आर.सी., एन.पी.आर. के विरोध में, राज्य द्वारा लोगों की एकता को धर्म के आधार पर तोड़ने की कोशिश के खि़लाफ़ और जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय, जे.एन.यू., ए.एम.यू. और अन्य विश्वविद्यालयों के छात्रों पर किये गए हमलों के खि़लाफ़ प्लेकार्ड और बैनर लिए हुए थे। यह जुलूस बड़े ही अनुशासित और शांतिपूर्वक तरीके से जामिया विश्वविद्याय की ओर बढ़ा, जहां एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया।

  • बुधवार, मार्च 4, 2020 - 13:09
    Jamia meeting

    दो महीने पहले जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के छात्रों पर पुलिस द्वारा देर रात किये गए हमलों को याद करने के लिए जामिया के छात्रों सहित कई राजनीतिक पार्टियों, मानव अधिकार संगठनों और नागरिकों के समूहों ने मिलकर एक सभा का आयोजन किया। दिल्ली और देशभर के कई विश्वविद्यलयों के छात्रों ने इस सभा में हिस्सा लिया। इसमें महिलाओं ने भी बड़ी तादाद में हिस्सा लिया। कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के साथियों ने भी इस सभा में हिस्सा लिया और जामिया के उत्पीड़ित छात्रों के दोस्तों, शिक्षकों और रिश्तेदारों के साथ एकजुटता प्रकट की।

  • बुधवार, मार्च 4, 2020 - 13:05
    anti-caa-protest-continues-at-delhi-jaffrabad

    जाफराबाद और उत्तर-पूर्वी दिल्ली में पिछले 4 दिनों से लोगों पर वहशी हमलों के बावजूद, दिल्ली के शाहीन बाग़ के साथ अन्य स्थानों पर सी.ए.ए. के ख़िलाफ़ प्रदर्शन रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। किसी अनहोनी का पूर्वाभास हो रहा है, लोगों के सिरों पर ख़तरा मंडरा रहा है, परन्तु फिर भी तम्बुओं में बैठी महिलाएं और पुरुष अपने लगभग सारे जागते घंटे वहीं बिता रहे हैं और जब तक न्याय के लिये उनकी मांग पूरी नहीं होती वापस घर जाने को तैयार नहीं हैं। वहां बैठी महिलाओं को स्पष्ट है कि हिंसा की वारदातें उनके प्रतिरोध को तोड़ने के लिये की जा रही हैं और यह सुनिश्चित करने के लिये कि और शाहीन बाग़ न क़ामय हो सकें। लेकिन हिंसा यहां के प्रदर्शनकारियों की हिम्मत को नहीं तोड़ सकी है - उन्होंने दृढ़ता से और एकमत से अपना जागरण जारी रखने का फैसला किया है।

  • बुधवार, मार्च 4, 2020 - 13:01
    Protest against budget

    18 फरवरी, 2020 को देश की राजधानी दिल्ली में वामपंथी और कम्युनिस्ट पार्टियों ने केन्द्रीय बजट-2020 के खि़लाफ़ मंडी हाउस से लेकर जंतर-मंतर तक संयुक्त जुलूस निकाला। ‘जन-विरोधी बजट के विरुद्ध विराट प्रदर्शन’, इस झंडे तले भाकपा, माकपा, भाकपा-माले, आल इंडिया फावर्ड ब्लाक, आरएसपी और हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी ने इसे आयोजित किया था। यह जुलूस बारहखंबा रोड और टालस्टॉय मार्ग होते हुए जंतर-मंतर पर पहुंचकर एक जनसभा में तब्दील हो गया।

  • बुधवार, मार्च 4, 2020 - 12:51
    Petroleum_workers_Kochi

    पेट्रोलियम व गैस क्षेत्र के मज़दूरों की तीनों फेडरेशनों के करीब सौ प्रतिनिधि देशभर से 9 फरवरी को कोच्ची में एक सम्मेलन के लिये एकत्रित हुए। भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड (बी.पी.सी.एल.) के निजीकरण के विरोध में लगातार किया जाने वाला यह चैथा सम्मेलन था। इसके पहले ऐसे सम्मेलन मुंबई, दिल्ली व कोलकाता में किये जा चुके हैं। यह सम्मेलन 28 नवम्बर, 2019 और 8 जनवरी, 2020 की सर्व-हिन्द हड़तालों के बाद किया गया था।

  • बुधवार, मार्च 4, 2020 - 12:49
    RJ state employees

    27 फरवरी को पूरे राजस्थान में अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के बैनर तले अनेक कर्मचारी संगठनों ने अलग-अलग जिला अधिकारियों के कार्यालयों पर धरना आयोजित किया।

  • बुधवार, मार्च 4, 2020 - 12:41
    guest_teachers

    मज़दूर एकता लहर ने डॉ. रचना से बातचीत की जो पिछले छः वर्षों से अधिक से दिल्ली राजधानी क्षेत्र में एक पोस्ट ग्रेज्युएट अतिथि शिक्षक हैं और जिन्होंने अतिथि शिक्षकों के संघर्ष में अगुवा भूमिका अदा की है। नीचे इस साक्षात्कार के कुछ अंश प्रकाशित किये जा रहे हैं।

  • बुधवार, मार्च 4, 2020 - 12:38
    Rail drivers dharna

    आल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसियेशन (ए.आई.एल.आर.एस.ए.) की अगुवाई में हजारों रेल चालकों ने 19 फरवरी को दिल्ली के अम्बेडकर भवन से जंतर-मंतर तक जुलूस निकाला। जंतर-मंतर पर एक जुझारू सभा की गई। इसमें अनेक रेल चालक अपने परिवार सहित शामिल हुये।

    इससे एक दिन पहले ए.आई.एल.आर.एस.ए. की सेंट्रल वर्किंग कमेटी के अधिवेशन का आयोजन भी किया गया। इस पूरे कार्यक्रम में देश के सभी मंडलों से चालक शामिल हुये।

  • बुधवार, मार्च 4, 2020 - 12:37
    Teachers-Bihar

    बिहार में नियोजित एवं प्राथमिक शिक्षकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। 1 मार्च को शिक्षकों ने अपने-अपने विधायकों और मुख्यमंत्री सहित उप मुख्यमंत्री के आवास का घेराव किया। हालांकि शिक्षकों ने सरकार के सामने सशर्त वार्ता का प्रस्ताव रखा है। किन्तु सरकार अपने दमनात्मक रवैये पर अड़ी हुई।

  • बुधवार, मार्च 4, 2020 - 12:35
    Primary_Teachers

    21 फरवरी, 2020 को आल इंडिया प्राइमरी टीचर्स फेडरेशन (ए.आई.पी.टी.एफ.) और उसकी दिल्ली शाखा, अखिल दिल्ली प्राथमिक शिक्षक संघ (ए.डी.पी.एस.एस.) ने अपनी मांगों को लेकर दिल्ली में जंतर-मंतर पर एक प्रदर्शन आयोजित किया और अपने संघर्ष को जारी रखने का संकल्प किया।

  • बुधवार, मार्च 4, 2020 - 12:30
    Jan sangharsh manch

    हरियाणा के कुरुक्षेत्र में जन संघर्ष मंच हरियाणा द्वारा 19 फरवरी, 2020 को रसोई गैस की क़ीमतों में की गई भारी वृद्धि के खि़लाफ़ डीसी दफ्तर कुरुक्षेत्र पर प्रदर्शन किया गया। इस दौरन प्रधानमंत्री के नाम उपायुक्त के मार्फत ज्ञापन डी.आर.ओ. कुरुक्षेत्र को सौंपा गया। जन संघर्ष मंच हरियाणा की वरिष्ठ नेता चंद्र रेखा व महासचिव सुदेश कुमारी के नेतृत्व में, प्रदर्शनकारी नए बस स्टैंड से केंद्र व राज्य सरकार के खि़लाफ़ नारे लगाते हुए, डी.सी. कुरुक्षेत्र के दफ़्तर पहुंचे व धरना दिया

  • बुधवार, मार्च 4, 2020 - 00:00

    2 मार्च, 2020 को भारतीय रेल द्वारा एक लाख से अधिक रिक्तियों पर भर्ती के लिये आवेदन करने वालों ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन किया। उनकी मांग है कि इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाये। उन्होंने इस संदर्भ में रेल मंत्री पीयूष गोयल को ज्ञापन सौंपा।

    प्रदर्शनकारी अभ्यार्थियों का कहना है कि भारतीय रेल ने पिछले वर्ष 23 फरवरी, 2019 को आर.आर.सी. गु्रप-डी के लिये 1,03,769 पदों और 28 फरवरी, 2019 को आर.आर.बी. एन.टी.पी.सी. की 35,277 रिक्तयों पर भर्ती के लिये अभ्यार्थियों से आवेदन मंगाये थे। इन रिक्तियों पर भर्ती के लिये लगभग 2.5 करोड़ अभ्याथियों ने आवेदन किये थे। लेकिन सरकार ने अभी तक इस पर कोई भी कार्यवाही शुरू नहीं की है।

  • शनिवार, फरवरी 15, 2020 - 19:38

    लोगों के हाथों में फैसले लेने की ताकत के संघर्ष को आगे बढ़ाएं!

    संविधान, संसद में बहुमत से चुनी गयी सरकार को यह अधिकार देता है कि वह अपने फैसलों को सभी के ऊपर थोप सके। विडम्बना तो यह है कि लाखों लोग सड़कों पर इस लोक विरोधी कानून के खिलाफ अपना प्रत्यक्ष विरोध जता रहे है, पर उनके पास इस निर्णय को बदलने की कोई ताकत नहीं है। यह ऐसा गणतंत्र है जिसमें राज्य सरकारों और करोड़ों लोगों की मर्जी के खिलाफ, केंद्रीय सरकार संविधान के कुछ प्रावधानों के तहत, राज्य सरकारों पर अपने कानून थोप सकती है।

पार्टी के दस्तावेज