नफ़रत और आतंक फैलाने की राज्य की कोशिशों की

कम्युनिस्ट पार्टियों ने निंदा की भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी)- लिबरेशन, सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (कम्युनिस्ट), रेवोलूशनरी सोशलिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया और ऑल इंडिया फारवर्ड ब्लॉक के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने 9 मार्च, 2018 को जंतर-मंतर से संसद तक एक विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का मकसद था, त्रिपुरा विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत के पश्चात लोगों के बीच आतंक और नफ़रत फैलाने के राज्य के अभियान का विरोध करना।

 Seven communist party
Seven coomunist party party

प्रदर्शन में भाग लेने वाले नारे लगा रहे थे, “राजकीय आतंकवाद मुर्दाबाद! ”, “एक पर हमला, सब पर हमला!”, “ज़मीर के अधिकार पर हमले मुर्दाबाद!”, “लोगों के अधिकारों पर हमले मुर्दाबाद!”, “अपने लोगों की एकता व भाइचारे का दुश्मन पूंजीपति वर्ग!”, “बांटो और राज करो की नीति हिन्दोस्तानी राज्य की पसंदीदा नीति है!”, “राज्य द्वारा आयोजित साम्प्रदायिक हिंसा व राजकीय आतंक के खिलाफ़ एकजुट हों!” अपने बैनरों व तख्तियों को उठाकर उन्होंने ऐलान किया कि वे अपनी रोज़ी-रोटी और अधिकारों पर बढ़ते हमलों तथा उनकी लड़ाकू एकता को तोड़ने की कोशिशों का दृढ़ता से विरोध करेंगे।

संसद के सामने एक जनसभा की गयी जिसे कम्युनिस्ट पार्टियों के नेताओं ने संबोधित किया। भाकपा से कॉमरेड डी. राजा, माकपा से कॉमरेड प्रकाश करात, भाकपा (मा.ले.)-लिबरेशन से कॉमरेड कविता कृष्णन, एस.यू.सी.आई. (कम्युनिस्ट) से कॉमरेड प्राण शर्मा, आल इंडिया फारवर्ड ब्लॉक से कॉमरेड अमरेन्द्र शर्मा और हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी से कॉमरेड प्रकाश राव ने जनसभा को संबोधित किया।

वक्ताओं ने कम्युनिस्टों व ट्रेड यूनियनों पर तथा त्रिपुरा में माकपा के दफ्तर पर वहशी हमलों की कड़ी निंदा की। लेनिन, पेरियार, अंबेडकर और श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मूर्तियों की तोड़-फोड़ करने, लोगों के बीच उन्माद भड़काने व शासकों द्वारा लोगों को आपस में लड़ाने की कोशिशों की उन्होंने कड़ी निंदा की। इन हमलों का प्रतिरोध करने के लिये उन्होंने संयुक्त रूप से संघर्ष करने का आह्वान किया।

कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के कॉमरेड प्रकाश राव ने ध्यान दिलाया कि करीब 150 इजारेदार घरानों के नेतृत्व में पूंजीपति वर्ग का राज ही लोगों की सभी समस्याओं का कारण है। लोगों को बांटने और उन्हें भटकाने के लिये पूंजीपति वर्ग अपराधी तरीकों का सहारा लेता है ताकि शोषण का उसका राज चलता रहे। उदारीकरण व निजीकरण के ज़रिये वैश्वीकरण के अपने मज़दूर-विरोधी, किसान-विरोधी, राष्ट्र-विरोधी और समाज-विरोधी कार्यक्रम को जारी रखने के लिये वे अपनी विश्वसनीय पार्टियों में से एक नहीं तो दूसरी को सत्ता में लाते हैं। कॉमरेड प्रकाश राव ने गुटवादी हिंसा व आतंक के खिलाफ़ एकजुट संघर्ष करने का आह्वान किया जिसका उद्देश्य एक नयी राज्य व्यवस्था स्थापित करना होगा जो सभी की खुशहाली और सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, जो हरेक व्यक्ति के ज़मीर के अधिकार की रक्षा करेगी और उन अपराधियों को कड़ी से कड़ी सज़ा देगी जो लोगों में फूट डालते हैं व उनके बीच नफ़रत व हिंसा फैलाते हैं।

इस अवसर पर भाग लेने वालों ने हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी द्वारा जारी किये गये एक बयान को उत्सुकता से लिया।

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पार्टी के दस्तावेज

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इस दस्तावेज़ “किस प्रकार की पार्टी” को, कामरेड लाल सिंह
ने हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय कमेटी की
ओर से 29-30 दिसम्बर, 1993 में हुई दूसरी राष्ट्रीय सलाहकार
गोष्ठी में पेश किया था।


पी.डी.एफ. डाउनलोड करनें के लिये चित्र पर क्लिक करें

Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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हिन्दोस्तानी गणराज्य का नवनिर्माण करने और अर्थव्यवस्था को नई दिशा दिलाने के कार्यक्रम के इर्द-गिर्द एकजुट हों ताकि सभी को सुख और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके!

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