रेल चालकों का पूरे देश में 48 घंटे का सामूहिक उपवास

आल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसियेशन (ए.आई.एल.आर.एस.ए.) की अगुवाई में, रेल चालकों ने 17-18 जुलाई, 2018 को अपनी मांगों के समर्थन में हजारों की संख्या में 48 घंटे का सामूहिक उपवास किया व भारतीय रेल के विभिन्न मंडलों पर धरना दिया। भारतीय रेल में लगभग 85,000 रेल चालक हैं।

रेल चालकों की प्रमुख मांग है कि उन्हें रनिंग अलावेंस रेलवे बोर्ड द्वारा गठित कमेटी के 1980 की सिफारिश के अनुसार दिया जाए। 1 जनवरी, 2016 से पूर्व सेवानिवृत्त रनिंग स्टाफ को सातवें वेतन आयोग के अनुसार पेंशन दी जाए।

AILRSA 38 hour hunger strike

Mumbai, Maharashtra

AILRSA 38 hour hunger strike

New Delhi

रेल चालक अपनी ड्यूटी का निर्वाह करते हुए इस उपवास में शामिल हुए। ड्यूटी के बाद धरने में शामिल हुए। ड्यूटी के दौरान, इस लंबे उपवास के कारण बहुत से रेल चालकों की तबियत ख़राब हो गयी। उन्हें रेलवे के केन्द्रीय अस्पतालों, जिला और अन्य अस्पतालों में भर्ती करना पड़ा। ए.आई.एल.आर.एस.ए. के उपाध्यक्ष का. रामसरन ने बताया कि इस उपवास के चलते दो रेल चालकों की शहादत हो गयी है।

भारतीय रेल के विभिन्न मंडलों पर धरने आयोजित किये गये। किसी भी रनिंग रूम में खाना नहीं बनाया गया। रेल चालकों ने भूखे रहकर गाड़ियां चलाईं। नई दिल्ली, जोधपुर, संबलपुर, हुबली, दानापुर, धनबाद आदि में हुए धरनों में बहुत बड़ी संख्या में रेल चालकों ने उत्साह के साथ भाग लिया।

नई दिल्ली में संसद मार्ग पर दो दिन का धरना दिया गया। इसमें उत्तरी मंडल में काम करने वाले रेल चालकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। अलग-अलग ब्रांचों से आये रेल चालकों ने बताया कि उन्हें 45 डिग्री के तापमान में रेल चलानी पड़ती है और उनके काम के घंटे सुनिश्चित नहीं होते हैं। पिछले कई सालों से माइलेज दर के लिये संघर्ष कर रहे हैं। लेकिन किसी भी पार्टी की सरकार हो, उनके कानों पर जूं तक नहीं रेंगती। रेल चालकों ने कहा कि सरकार अगर उनकी मांगों को नहीं मानती है तो वे अपना संघर्ष और तेज़ करेंगे। इसके लिये वे रेल का चक्का जाम भी करेंगे। का. पदम गंगवार ने दिल्ली में हो रही मज़दूरों की औद्योगिक हड़ताल को एल.आई.आर.एस.ए. की तरफ से समर्थन भी दिया। मज़दूर एकता कमेटी के सदस्य रेल चालकों के संघर्ष का समर्थन करने के लिए धरने व उनके उपवास में शामिल हुए। का. परमजीत सिंह (उत्तरी मंडल अध्यक्ष), का. गुरुदेव सिंह (उपाध्यक्ष, उत्तरी मंडल), का. विश्वनाथ सिंह (केन्द्रीय उपाध्यक्ष), का. सोमनाथ (सचिव, फिरोजपुर) ने धरने को संबोधित किया।

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AILRSA 48 hour hunger strike AILRSA 48 hour hunger strike
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इस अवसर पर सी.आई.टी.यू. के अध्यक्ष कामरेड तपन सेन, मज़दूर एकता कमेटी के कामरेड संतोष कुमार, ए.आई.आर.एफ. के महासचिव कामरेड शिवगोपाल मिश्रा और उत्तर रेलवे मज़दूर यूनियन से जे.के. यादव ने रेल चालकों के संघर्ष का समर्थन किया।

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सामूहिक उपवास    सेवानिवृत्त    Aug 1-15 2018    Struggle for Rights    Rights     2018   

पार्टी के दस्तावेज

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पूंजीपति वर्ग की राजनीतिक पार्टियां यह दावा करती हैं कि
उदारीकरण, निजीकरण और भूमंडलीकरण के कार्यक्रम का कोई
विकल्प नहीं है। परंतु सच तो यह है कि इसका विकल्प है।
इसका विकल्प है अर्थव्यवस्था को एक नयी दिशा दिलाना, ताकि
लोगों की जरूरतों को पूरा करने को प्राथमिकता दी जाए, न कि
पूंजीपतियों की लालच को पूरा करने को।
यह हिन्दोस्तान के नवनिर्माण का कार्यक्रम है।

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इस दस्तावेज़ “किस प्रकार की पार्टी” को, कामरेड लाल सिंह
ने हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय कमेटी की
ओर से 29-30 दिसम्बर, 1993 में हुई दूसरी राष्ट्रीय सलाहकार
गोष्ठी में पेश किया था।


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Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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