ओरागडम में वाहन कंपनी के मज़दूरों की विशाल हड़ताल

चेन्नई के नज़दीक ओरागडम औद्योगिक पट्टी में सितंबर 2018 से, यामाहा इंडिया, म्योंग शिन ऑटोमोटिव इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और रॉयल एनफील्ड के 3,700 से अधिक मज़दूर हड़ताल पर हैं। 20 सितंबर, 2018 को यामाहा इंडिया के दो मज़दूरों को फैक्ट्री परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया गया था क्योंकि वे मज़दूरों को यूनियन में संगठित करने में सबसे आगे थे। उसी दिन से इन दोनों मज़दूरों को काम पर वापस लेने की मांग को लेकर महिला मज़दूरों सहित, लगभग 700 मज़दूर धरने पर बैठे हैं।

कंपनी के मज़दूर अपने वेतनों में बढ़ोतरी की मांग भी कर रहे हैं। सरकारी मानदंडों के मुताबिक, 6 साल का अनुभव प्राप्त इंजीनियर को कम से कम 30,000 रुपये प्रति माह वेतन मिलना चाहिए जबकि वर्तमान में मज़दूरों को केवल 17,000 रुपये प्रति माह का भुगतान किया जा रहा है। मज़दूरों ने इस तथ्य का खुलासा किया है कि 20 सितंबर से चार बार प्रबंधन ने श्रीपेरंबुदुर श्रम विभाग के सहायक आयुक्त के साथ बातचीत में हिस्सा लेने से इंकार किया है। साथ-ही-साथ प्रबंधन हड़ताल पर बैठे मज़दूरों की जगह पर ठेका मज़दूरों और प्रशिक्षुओं से काम करा रहा है। जबकि, ठेका मज़दूरों और प्रशिक्षुओं में अनुभव की कमी के कारण कई दुर्घटनाएं हुई हैं। लेकिन प्रबंधन इस तथ्य को छिपाने की कोशिश कर रहा है।

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मोटर वाहन के कलपुर्जे बनाने वाली कंपनी म्योंग शिन ऑटोमोटिव इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (एम.एस.आई.) के 140 से अधिक मज़दूर सितंबर की शुरुआत से ही अपने वेतनों में बढ़ोतरी की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं। उनके वेतनों में पिछले ढाई साल से कोई बढ़ोतरी नहीं की गयी है। बातचीत के दौरान प्रबंधन बार-बार मज़दूरों के प्रतिनिधियों से झूठे वादे कर रहा है और मज़दूरों की मांगों को पूरा नहीं कर रहा है।

अप्रैल 2018 में अपनी यूनियन बनाने के बाद, 24 सितंबर, 2018 से ओरागडम में रॉयल एनफील्ड प्लांट के लगभग 3,000 मज़दूरों ने हड़ताल शुरू की है। हड़ताल के कारणों में से एक यह था कि प्रबंधन ने 140 प्रशिक्षुओं को बिना किसी वजह के, कंपनी में प्रवेश करने से रोक दिया था। इसके अलावा, यामाहा इंडिया की असफल बातचीत की तरह ही, रॉयल एनफील्ड प्रबंधन ने उस बातचीत में हिस्सा लेने से इंकार कर दिया है, जिसमें मज़दूर अपने लिए कानूनी बोनस का भुगतान करने की मांग कर रहे हैं।

इन तीन हड़तालों से पता चलता है कि मज़दूर अपने अधिकारों पर हो रहे हमलों का विरोध कर रहे हैं। हिन्दोस्तान में मुख्यतः मोटर वाहन उत्पादन क्षेत्र के मज़दूरों को संगठित होने के अधिकार से वंचित किया जा रहा है और यूनियन बनाने की उनकी तमाम कोशिशों को कंपनी के प्रबंधन द्वारा सुनियोजित तरीके से कुचला जा रहा है। मज़दूरों का अतिशोषण करते हुए मोटर वाहन उत्पादन कंपनियां अधिकतम मुनाफ़े बना रही हैं। 2017 में हिन्दोस्तान का मोटर वाहन उद्योग दुनिया में चौथे स्थान पर पहुंच गया है और उसकी बिक्री हर साल 9.5 प्रतिशत बढ़ रही है। मोटर वाहन कंपनियों के लिए मुनाफ़े में इस बढ़ोतरी का मुख्य स्रोत “सस्ते दाम पर कुशल श्रम की उपलब्धता” है।

वेतन वृद्धि और बोनस का भुगतान, कंपनी से निकाले गए मज़दूरों को बहाल करना, और यूनियन बनाने का अधिकार देना, ये सभी मांगें जायज़ हैं और ओरागडम में मोटर वाहन कंपनी के मज़दूरों की मांगों को इन तीनों कंपनियों के प्रबंधनों को तुरंत मंजूर करना होगा।

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पार्टी के दस्तावेज

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इस दस्तावेज़ “किस प्रकार की पार्टी” को, कामरेड लाल सिंह
ने हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय कमेटी की
ओर से 29-30 दिसम्बर, 1993 में हुई दूसरी राष्ट्रीय सलाहकार
गोष्ठी में पेश किया था।


पी.डी.एफ. डाउनलोड करनें के लिये चित्र पर क्लिक करें

Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

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हिन्दोस्तानी गणराज्य का नवनिर्माण करने और अर्थव्यवस्था को नई दिशा दिलाने के कार्यक्रम के इर्द-गिर्द एकजुट हों ताकि सभी को सुख और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके!

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