दिल्ली में नर्सों की हड़ताल

Batra Nursesदिल्ली के निजी अस्पताल बत्रा अस्पताल एंड मेडिकल रिसर्च सेंटर की करीब 300 नर्सें सुप्रीम कोर्ट की सिफारिशों के अनुसार, न्यूनतम वेतन दिए जाने की मांग को लेकर, 9-10 नवम्बर, 2018 को हड़ताल पर रहीं।

यहां काम कर रही नर्सों का कहना है कि उन्हें देर तक काम करने के लिए मजबूर किया जाता है और इसके लिए कोई भुगतान भी नहीं किया जाता है।

नर्स यूनियन की एक सदस्य ने बताया कि उनकी अन्य मांगों में नेशनल एक्रेडेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स के नियमों के अनुसार, नर्स-मरीज अनुपात बनाने, सालाना वेतन में बढ़ोतरी, मातृत्व अवकाश नीति को लागू करना, इंश्योरेंस करवरेज़, आदि शामिल हैं।

स्वास्थ्य क्षेत्र में काम कर रहे लाखों-लाखों मजदूर अपने जायज़ अधिकारों को पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। खासकर, निजी अस्पतालों में काम करने वाली नर्सों का शोषण बढ़ रहा है। उन्हें उचित वेतन और ओवर टाईम का भुगतान न करना, न्यूनतम वेतन से कम देना, मातृत्व अवकाश देने से पहले, उन्हें नौकरी से हटा देना आम है।

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नर्सों की हड़ताल    Nov 16-30 2018    Struggle for Rights    Rights     2018   

पार्टी के दस्तावेज

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पूंजीपति वर्ग की राजनीतिक पार्टियां यह दावा करती हैं कि
उदारीकरण, निजीकरण और भूमंडलीकरण के कार्यक्रम का कोई
विकल्प नहीं है। परंतु सच तो यह है कि इसका विकल्प है।
इसका विकल्प है अर्थव्यवस्था को एक नयी दिशा दिलाना, ताकि
लोगों की जरूरतों को पूरा करने को प्राथमिकता दी जाए, न कि
पूंजीपतियों की लालच को पूरा करने को।
यह हिन्दोस्तान के नवनिर्माण का कार्यक्रम है।

पी.डी.एफ. डाउनलोड करनें के लिये चित्र पर क्लिक करें

 

5th Congress Documentहिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव कामरेड लाल सिंह द्वारा, पार्टी की केन्द्रीय समिति की ओर से, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के पांचवें महाअधिवेशन को यह रिपोर्ट पेश की गई। महाअधिवेशन में इस पर चर्चा की गयी और इसे अपनाया गया। पांचवें महाअधिवेशन के फैसले के अनुसार, इस रिपोर्ट को सम्पादकीय शोधन के साथ, प्रकाशित किया जा रहा है।

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Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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