राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में जन संघर्ष तेज़ हो रहा है

हनुमानगढ़ जिले में किसानों तथा व्यापक जनसमुदाय ने अपने अधिकारों को हासिल करने के लिये संघर्ष तेज़ किया है।

किसानों का संघर्ष

विभिन्न मांगों को लेकर जिले के किसान आंदोलन कर रहे हैं।

Kisan Dharnaरामगढ़ की लोक जन समिति व रामगढ़, उज्जलवास और 11 बीरानी के किसानों ने 2018 के खरीफ फसल के खराब होने का मुआवज़ा और बीमा क्लेम दिलवाने की मांग को लेकर संघर्ष शुरू किया है। उन्होंने उपखंड अधिकारी को दिए गए ज्ञापन में बताया कि इन किसानों की फसल बिलकुल नष्ट हो गयी है। पूर्णतः अकाल के हालात थे। कृषि विभाग ने भी 75 प्रतिशत खराबी मानी है। लेकिन पटवारी ने हल्कों की इसकी रिपोर्ट नहीं भेजी, जिसके कारण इस क्षेत्र के किसानों को मुआवज़ा और बीमा क्लेम से वंचित होने का डर है। किसानों ने चेतावनी दी है कि वे अपना संघर्ष तेज़ करेंगे अगर उनकी मांगें जल्दी पूरी नहीं की गयी।

नोहर में बिहानी मार्ग पर एक्सिस बैंक के सामने किसान लगातार धरने पर बैठे हैं। यह अनिश्चितकालीन धरना 10 जनवरी से चल रहा है। कड़ाके की सर्दी की परवाह किये बगैर किसान अपने जायज़ हक़ों को हासिल करने के लिये लड़ रहे हैं। वे मांग कर रहे हैं कि उनका बकाया फसल बीमा क्लेम उन्हें तुरंत दिया जाये।

किसानों का 2016-17 रबी व खरीफ दोनों फसलों का बीमा क्लेम बकाया है। सोंडी, ललाना, असरजाना, ननाऊ, बडबिराना, फेफाना, किंकराली, आदि गांवों के किसानों के बीमा क्लेम की राशि आज तक उनके खातों में नहीं पहुंची है। लोक राज संगठन के सर्व हिन्द उपाध्यक्ष हनुमान प्रसाद शर्मा ने जिला कलेक्टर को किसानों के फसल बीमा क्लेम राशि शीघ्र दिलाने की मांग की है। ऐसा नहीं होने पर उन्होंने आंदोलन को तेज़ करने की चेतावनी दी।

फेफाना में किसान विकास समिति, स्वाभिमान किसान संघ तथा राजस्थान किसान यूनियन की ओर से 8 सूत्रीय मांगों को लेकर गांव के बस स्टेंड पर अनिश्चितकालीन धरना 14 जनवरी से लगातार चल रहा है। साथ ही धरना स्थल पर किसानों का क्रमिक अनशन चल रहा है।

किसान पूरा कर्ज़ माफ़ करने, केसीसी धारक किसानों के खातों नाजायज़ ब्याज लगाने वाले बैंक उच्च अधिकारियों पर की गई कार्यवाही की रिपोर्ट देने, सामुदायिक स्वास्थ्य केंन्द्र में चिकित्सकों के रिक्त पदों को भरने की मांग कर रहे हैं।

स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश लागू करने, किसानों को फसलों का उचित मूल्य देने, फसलों व दूध का एम.एस.पी. तय करने, इत्यादि मांगों को लेकर 30 जनवरी से किसान हनुमानगढ़ में कलेक्ट्रेट के सामने धरना दे रहे हैं। यह धरना राष्ट्रीय किसान महासंघ के तत्वाधान में चल रहा है।

रेल रोको आंदोलन

Rail Roko agitation यात्री गाड़ियों के समय परिवर्तन व ठहराव की मांग को लेकर 13 फरवरी को रामगढ़ के ग्रामीणों ने दोपहर को सादुलपुर से हनुमानगढ़ जाने वाली यात्री गाड़ी को रोककर प्रदर्शन किया। लोगों ने डीआरएम के नाम दिये ज्ञापन में सादुलपुर-हनुमानगढ़ यात्री गाड़ी 04778 का हनुमानगढ़ से चलने का समय शाम 7 बजे करने व तिलक ब्रिज से श्रीगंगानगर पेसेंजर ट्रेन का रामगढ़ स्टेशन पर ठहराव की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों को पूरा नहीं किया गया तो 28 फरवरी से आंदोलन तेज़ किया जायेगा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दबाव में क्षेत्र के यातायात को बुरी तरह से प्रभावित किया जा रहा है। जिससे गाड़ियों का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है।

इस आंदोलन में लोक राज संगठन के सर्व हिन्द उपाध्यक्ष हनुमान प्रसाद शर्मा, रामगढ़ सेवा समिति अध्यक्ष अमर सिंह, लोक जन समिति अध्यक्ष डाक्टर कृष्ण नोखवाल, सावित्री शर्मा, सुनिता कुमारी, रेशमा, कुलदीप भांभू, नरेश सांगर, मनीराम लकेसर, सतपाल गोदारा, शरीफ मोहम्मद, शौकीन खान, दयाराम बाना, मनोज शर्मा और रामगढ़ उपतहसील के कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुये।

इसके पहले गोगामेढ़ी में भी लोक राज संगठन तथा अन्य स्थानीय जन संगठनों ने इन्हीं मांगों को लेकर गोगामेढ़ी में भी रेल रोको किया।

रामगढ़ के ग्रामीण निवासियों ने आंदोलन का ऐलान किया

Lok Jan Samiti meeting वर्षों पहले राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम ने रामगढ़ उपतहसील में ग्रिड सब स्टेशन (जीएसएस) स्थापित करने का फैसला लिया था। जलदाय विभाग ने डिग्गी बनाने का फैसला लिया था। इसके बावजूद आज तक इनका निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। इससे आक्रोशित रामगढ़ के लोगों ने आंदोलन शुरू करने का फैसला लिया है।

यह निर्णय लोक जन समिति तथा लोक राज संगठन ने एक बैठक में लिया। बैठक में यह चर्चा हुई कि उपतहसील रामगढ़ की विद्युत वोल्टेज की समस्या से निजात के लिये जीएसएस निर्माण तथा पीने के पानी की किल्लत को दूर करने के लिये उच्च क्षमता की डिग्गी निर्माण को शीघ्र पूरा करना चाहिये। बैठक में दोनों कार्यों को शुरू करवाने के लिये संबंधित विभागीय अधिकारियों से मिलने का निर्णय किया गया। इसके बाद भी अगर कार्य शुरू नहीं किया गया तो आंदोलन चलाया जायेगा। बैठक में जल संरक्षण के तहत गांव के पुराने जोहड़ के सौन्दर्यकरण का निर्णय किया गया।

बैठक में फसल बीमा क्लेम की मांग को लेकर फेफाना बस स्टेंड पर किसानों की ओर से आठ सूत्रीय मांग को लेकर चल रहे क्रमिक अनशन व नोहर एक्सिस बैंक के सामने करीब आधा दर्जन गांवों के किसानों की ओर दिये जा रहे धरने का समर्थन किया गया।

Tag:   

Share Everywhere

Feb 16-28 2019    Struggle for Rights    Rights     2019   

पार्टी के दस्तावेज

thumb

 

पूंजीपति वर्ग की राजनीतिक पार्टियां यह दावा करती हैं कि
उदारीकरण, निजीकरण और भूमंडलीकरण के कार्यक्रम का कोई
विकल्प नहीं है। परंतु सच तो यह है कि इसका विकल्प है।
इसका विकल्प है अर्थव्यवस्था को एक नयी दिशा दिलाना, ताकि
लोगों की जरूरतों को पूरा करने को प्राथमिकता दी जाए, न कि
पूंजीपतियों की लालच को पूरा करने को।
यह हिन्दोस्तान के नवनिर्माण का कार्यक्रम है।

पी.डी.एफ. डाउनलोड करनें के लिये चित्र पर क्लिक करें

 

thumbnail

इस दस्तावेज़ “किस प्रकार की पार्टी” को, कामरेड लाल सिंह
ने हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय कमेटी की
ओर से 29-30 दिसम्बर, 1993 में हुई दूसरी राष्ट्रीय सलाहकार
गोष्ठी में पेश किया था।


पी.डी.एफ. डाउनलोड करनें के लिये चित्र पर क्लिक करें

Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

(Click thumbnail to download PDF)

यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)

यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)