लोक सभा चुनाव 2019 : दक्षिण दिल्ली से हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के सक्रिय सदस्य उम्मीदवार बने

चुनाव अभियान पूरे जोश के साथ चला

बिरजू नायक को लोक सभा 2019 के चुनाव के लिए दक्षिणी दिल्ली से उम्मीदवार बतौर सफलतापूर्वक नामांकित किया गया। वे हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के सक्रिय सदस्य हैं।

कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के कार्यकर्ता, पूरे निर्वाचन क्षेत्र से महिलाएं, नौजवान और निवासी, दूसरी कम्युनिस्ट पार्टियों, ट्रेड यूनियनों और जन अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले संगठनों के कार्यकर्ता, सभी बड़े उत्साह के साथ बिरजू नायक के चुनाव अभियान में भाग ले रहे थे।

प्रचार की गाड़ियों को बिरजू नायक के शानदार पोस्टरों से सजाया गया था। ये प्रचार गाड़ियां निर्वाचन क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में, रिहायशी इलाकों, औद्योगिक क्षेत्रों और व्यवसायिक केन्द्रों में जा-जाकर प्रचार कर रही थीं। एक छोर पर पालम और बिजवासन से लेकर दूसरे छोर पर भाटी माइंस, बदरपुर और ओखला औद्योगिक क्षेत्र से गुजरते हुए, देवली, छत्तरपुर और महरौली की जनता को जगाते हुए, प्रचार गाड़ियां और उनमें बैठे उत्साहित नौजवानों के दल हिन्दोस्तान के नव-निर्माण के संदेश को कोने-कोने तक पहुंचा रहे थे। यही बिरजू नायक के अभियान का मुख्य विषय था।

लोगों के दिल की बातों को शब्द देते हुए और नव-निर्माण के कार्यक्रम के मुख्य पहलुओं पर रोशनी डालते हुए, बुलंद नारे पूरे प्रचार अभियान के दौरान गूंज रहे थे।

रोज़गार, सुरक्षा और सम्मान, मांग रहा है हर इंसान! सुख, सुरक्षा और सम्मान, मांग रहा है हिन्दोस्तान!

हर हाथ को काम हो, काम का सही दाम हो, आपस में खून-खराबा नहीं, अमन-शांति कायम हो!

हमारी मांगें पूरी करें, लुटेरों की लूट बंद करें, धर्म-जाति पर बांटना बंद करें, सुख-सुरक्षा सुनिश्चित करें!

बिजली, पानी, सड़क, आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार सबकी आस!

एक पर हमला सब पर हमला!

शासन-सत्ता अपने हाथ, जुल्म-अन्याय करें समाप्त!

हम हैं इसके मालिक, हम हैं हिन्दोस्तान, मज़दूर, किसान, औरत और जवान!

क्रांतिकारी गीत भी गूंजते रहे, लोगों से आह्वान करते हुए कि दमन-शोषण को खत्म करने के लिए एक हो जाएं, एक उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ें, अपने हाथों में सत्ता लें।

Indira camp

इसके साथ-साथ ओडियो घोषणा के ज़रिए लोगों को यह जानकारी दी जाती थी कि बिरजू नायक इलाके के लोगों को अपने अधिकारों के लिए, मज़दूरों के न्यूनतम वेतन के लिए, घर-घर पानी की सप्लाई के लिए, मौलिक जनसुविधाओं के लिए, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के अधिकार के लिए, महिलाओं के समान अधिकार और सुरक्षा के लिए, लोगों को संगठित और एकजुट करते रहे हैं। वे इन सभी संघर्षों में आगे रहे हैं। वे नौजवानों के नेता और प्रेरणा का स्रोत रहे हैं।

बिरजू नायक वादा करते हैं कि लोगों के कार्यक्रम को प्राथमिकता देंगे। अगर मैं जीतता हूं तो संसद में आपकी आवाज़ बनूंगा“, वे पूर्ण आत्मविश्वास के साथ ऐलान करते हैं।

हर दिन नुक्कड़ सभाएं आयोजित की जा रही थीं। नौजवान कार्यकर्ता लाल झंडे और बिरजू नायक के बैनरों को हाथ में लिए हुए इकट्ठे होते थे। इंदिरा कल्याण विहार, तेहखंड, गोलाकुंआ, हरकेश नगर, महरौली सेंट्रल मार्केट, पालम मेट्रो स्टेशन तथा चुनाव क्षेत्र के तमाम अन्य स्थानों पर ऐसी नुक्कड़ सभाएं हो रही थीं।

इस अनोखे और उत्साहपूर्ण प्रचार अभियान से बड़ी संख्या में आकर्षित हुए लोगों को कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के कार्यकर्ता संबोधित करते थे। कई ट्रेड यूनियन नेता, भ्रातृय कम्युनिस्ट पार्टियों के कार्यकर्ता, जन अधिकारों के लिए लड़ने वाले संगठनों के कार्यकर्ता, आदि सब इन नुक्कड़ सभाओं में शामिल होते थे। उनमें से कई ऐसे साथी थे जो बिरजू नायक के साथ कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष में साथ रहे हैं और साथ मिलकर उन्होंने राज्य की लाठियों और पानी की बौछारों का सामना किया है। उन सभी ने बिरजू नायक के समर्थन में बातें रखीं और नव-निर्माण के कार्यक्रम के साथ अपनी सहमति और समर्थन प्रकट किया।

Prem Nager

सभी वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य सत्ता पर लोगों का नियंत्रण होना चाहिए। उन्होंने अर्थव्यवस्था को नयी दिशा देने की बात की, ताकि लोगों की बढ़ती ज़रूरतें पूरी हो सकें। उन्होंने वर्तमान व्यवस्था को धिक्कारा, जिसका एकमात्र उद्देश्य है टाटा, बिरला, अंबानी और 150 इजारेदार पूंजीवादी घरानों के हुक्मरान वर्ग की अमिट लालच को पूरा करना। इस व्यवस्था को ख़त्म करने और संप्रभुता यानी फैसले लेने की सर्वोच्च ताक़त को लोगों के हाथों में लाने की बात रखी गई। सभी वक्ता उम्मीदवारों का चयन करने में लोगों की भूमिका पर जोर देते। चुने गए प्रतिनिधियों को जवाबदेह ठहराने और जनहित का हनन करने पर वापस बुलाने के अधिकारों को लोगों के हाथों में दिलाने का संदेश दिया जाता ताकि यह लोकतंत्र वास्तव में लोगों के हित में काम कर सके। जनकल्याण के लिए कानून प्रस्तावित करने के लोगों के अधिकार की मांग भी उठायी गई।

सूरज ढलने लगता उम्मीदवार बिरजू नायक अपने हाथ में माईक को लेते, लोगों से अपील करतें, ‘मैं आप ही में से एक हूं। मैंने आपके साथ सुख-दुख बांटा है। बीते 20 सालों से मैं आपके साथ संघर्ष कर रहा हूं। मैं आपके साथ विश्वासघात नहीं करूंगा। मेरी पार्टी, कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी, ग़दरियों की बहादुर परंपरा, भगत सिंह व उनके साथियों तथा हमारे लोगों की मुक्ति के लिए जान कुरबान करने वाले अनगिनत क्रांतिकारियों की परंपरा की वारिस है। हमारा लक्ष्य है नव-निर्माण, लोगों के हाथों में राज्य सत्ता। हमारे शोषकों और जालिमों की सेवा करने वालों पर अपना वोट खराब न करें। इस उम्मीदवार को वोट देकर जिताएं, जिसे आप ही ने जन्म दिया है, जो हमेशा आपके साथ है और रहेगा’।

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May 16-31 2019    Struggle for Rights    Rights     2019   

पार्टी के दस्तावेज

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पूंजीपति वर्ग की राजनीतिक पार्टियां यह दावा करती हैं कि
उदारीकरण, निजीकरण और भूमंडलीकरण के कार्यक्रम का कोई
विकल्प नहीं है। परंतु सच तो यह है कि इसका विकल्प है।
इसका विकल्प है अर्थव्यवस्था को एक नयी दिशा दिलाना, ताकि
लोगों की जरूरतों को पूरा करने को प्राथमिकता दी जाए, न कि
पूंजीपतियों की लालच को पूरा करने को।
यह हिन्दोस्तान के नवनिर्माण का कार्यक्रम है।

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इस दस्तावेज़ “किस प्रकार की पार्टी” को, कामरेड लाल सिंह
ने हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय कमेटी की
ओर से 29-30 दिसम्बर, 1993 में हुई दूसरी राष्ट्रीय सलाहकार
गोष्ठी में पेश किया था।


पी.डी.एफ. डाउनलोड करनें के लिये चित्र पर क्लिक करें

Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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