पंजाब में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का संघर्ष

10 जुलाई को जलंधर के देश भगत यादगार हाल में पूरे पंजाब राज्य से सैकड़ों आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और आंगनवाड़ी सहायक इकट्ठा हुए और उन्होंने मांग रखी कि उनके वेतन में वृद्धि का राज्य सरकार द्वारा दिया जाने वाला हिस्सा सरकार तुरंत जारी करे।

अक्तूबर 2018 को केंद्र सरकार ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आंगनवाडी सहायकों के वेतन में 1500 रुपये का इजाफ़ा किया था और इसका 60 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार द्वारा दिया जाना था और बाकी का हिस्सा राज्य सरकार की ज़िम्मेदारी है। लेकिन पंजाब सरकार ने अभी तक आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के वेतन की बढ़ोतरी में अपना हिस्सा नहीं दिया है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने एक पत्र लिखा है जिसे प्रधानमंत्री, राज्य के मुख्यमंत्री और हर एक जिले के प्रोग्राम अधिकारी को भेजा गया है।

Anganwadi workers protest in Ludhiana July 10, 2019

सरकार के सामेकित बाल विकास योजना (आई.सी.डी.एस.) कार्यक्रम के तहत बच्चों को कुपोषण से बचाने में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा वे 0 से 6 वर्ष के बच्चों के टीकाकरण में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायक यह मांग करते आये हैं कि 45वें श्रम अधिवेशन की सिफारिशों को अमल में लाया जाये और सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों को न्यूनतम वेतन के तहत लाते हुए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को 18,000 रुपये और आंगनवाड़ी सहायक को 15,000 रुपये प्रतिमाह का वेतन दिया जाये। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायक यह भी मांग कर रहे हैं कि उनको सामाजिक सुरक्षा, 3,000 रुपये पेंशन और ग्रेच्युटी की सुविधाएं मिलनी चाहिए।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों ने फैसला किया है कि यदि सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती है तो वे अपना आंदोलन और भी तेज़ कर देंगे।

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पार्टी के दस्तावेज

8 जनवरी, 2020 की सर्व हिन्द आम हड़ताल को सफल करें!

मज़दूर एकता कमेटी का आह्वान

देश की दिशा पूंजीपतियों की अमीरी को बढ़ा रही है और मज़दूर, किसान व सभी मेहनतकशों को ग़रीबी में धकेल रही है। इस रास्ते का विरोध करने के लिए और देश की दौलत पर अपने अधिकार का दावा करने के लिए यह हड़ताल आयोजित की जा रही है।

मेहनतकशों का है यह नारा, हम हैं इसके मालिक! हिन्दोस्तान हमारा!

thumbपूंजीपति वर्ग की राजनीतिक पार्टियां यह दावा करती हैं कि उदारीकरण, निजीकरण और भूमंडलीकरण के कार्यक्रम का कोई विकल्प नहीं है। परंतु सच तो यह है कि इसका विकल्प है। इसका विकल्प है अर्थव्यवस्था को एक नयी दिशा दिलाना, ताकि लोगों की जरूरतों को पूरा करने को प्राथमिकता दी जाए, न कि पूंजीपतियों की लालच को पूरा करने को। यह हिन्दोस्तान के नवनिर्माण का कार्यक्रम है।

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5th Congress Documentहिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव कामरेड लाल सिंह द्वारा, पार्टी की केन्द्रीय समिति की ओर से, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के पांचवें महाअधिवेशन को यह रिपोर्ट पेश की गई। महाअधिवेशन में इस पर चर्चा की गयी और इसे अपनाया गया। पांचवें महाअधिवेशन के फैसले के अनुसार, इस रिपोर्ट को सम्पादकीय शोधन के साथ, प्रकाशित किया जा रहा है।

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Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब, मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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