भारतीय रेल में निजीकरण के खि़लाफ़ रेल चालकों की भूख हड़ताल

15-16 जुलाई को आल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसियेशन (ए.आई.एल.आर.एस.ए.) की अगुवाई में भारतीय रेल के चालकों ने हड़ताल की। यह हड़ताल भारतीय रेल के सभी 16 मंडलों के 86 डिविज़नों की लगभग 400 क्रू लाबियों में हुई।

इस दौरान सभी लाबियों पर धरना प्रदर्शन किये गये और अनेक चालक भूख हड़ताल पर बैठे। ट्रेनिंग स्कूलों में प्रशिक्षण ले रहे चालकों ने भी 24 घंटे के लिये भोजन ग्रहण नहीं किया। रेल चालकों ने भूखे रहकर गाड़ियां चलाईं।

AILRSA dharna-1AILRSA dharna-1

आल इंडिया गाड्र्स काउंसिल सहित देशभर की अनेक यूनियनों ने इस हड़ताल को अपना समर्थन दिया। इस दौरान हुये प्रदर्शनों में चालकों के साथ गार्डों ने भी हिस्सा लिया और भूख हड़ताल की।

सरकार द्वारा भारतीय रेल में किये जा रहे निजीकरण का रेल चालकों ने पुरजोर विरोध किया। उन्होंने मांग की कि भारतीय रेल में निजीकरण को तुरंत रोका जाये तथा उनकी लंबित मांगों को पूरा किया जाये।

विदित रहे कि रेल चालक अपनी मांगों - रेलवे में एफ.डी.आई. बंद की जाये, रनिंग स्टाफ का माइलेज भत्ता आर.ए.सी. 1980 के फार्मूले के अनुसार निर्धारित किया जाये, एन.पी.एस. को तुरंत समाप्त किया जाये और पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू की जाये, सेफ्टी रिव्यू कमेटी की रिपोर्ट को अविलंब लागू किया जाये - के समर्थन में लंबे समय से संघर्ष करते आये हैं।

ए.आई.एल.आर.एस.ए. के केन्द्रीय उपाध्यक्ष कामरेड रामसरन ने बताया कि हम मांग कर रहे हैं कि लोको कारखानों के किये जा रहे निजीकरण को रोक जाये, ट्रेनों का परिचालन निजी हाथों में न दिया जाये। भारतीय रेल द्वारा प्रेसों को बंद न किया जाये। 2004 के बाद भर्ती हुये सभी चालकों के लिये पुरानी पेंशन योजना को लागू किया जाये।

AILRSA dharna-1AILRSA dharna-1
Tag:   

Share Everywhere

चालकों की भूख हड़ताल    Aug 1-15 2019    Struggle for Rights    Popular Movements     Privatisation    Rights     2019   

पार्टी के दस्तावेज

thumb

 

पूंजीपति वर्ग की राजनीतिक पार्टियां यह दावा करती हैं कि
उदारीकरण, निजीकरण और भूमंडलीकरण के कार्यक्रम का कोई
विकल्प नहीं है। परंतु सच तो यह है कि इसका विकल्प है।
इसका विकल्प है अर्थव्यवस्था को एक नयी दिशा दिलाना, ताकि
लोगों की जरूरतों को पूरा करने को प्राथमिकता दी जाए, न कि
पूंजीपतियों की लालच को पूरा करने को।
यह हिन्दोस्तान के नवनिर्माण का कार्यक्रम है।

पी.डी.एफ. डाउनलोड करनें के लिये चित्र पर क्लिक करें

 

5th Congress Documentहिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव कामरेड लाल सिंह द्वारा, पार्टी की केन्द्रीय समिति की ओर से, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के पांचवें महाअधिवेशन को यह रिपोर्ट पेश की गई। महाअधिवेशन में इस पर चर्चा की गयी और इसे अपनाया गया। पांचवें महाअधिवेशन के फैसले के अनुसार, इस रिपोर्ट को सम्पादकीय शोधन के साथ, प्रकाशित किया जा रहा है।

(Click thumbnail to download PDF)

Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

(Click thumbnail to download PDF)

यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)

यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)