कोरोना वायरस के खि़लाफ़ संघर्ष में सहयोग दें!

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति का आह्वान, 26 मार्च, 2020

कोरोना वायरस, जो बीते कुछ हफ्तों में पूरी दुनिया में फैलता जा रहा है, सभी लोगों की ज़िंदगियों के लिए बहुत बड़ा ख़तरा है। इस वायरस की वजह से, अब तक दुनिया में 21,000 से ज्यादा लोग मर चुके हैं। कई देशों में मृतकों की संख्या बढ़ती जा रही है। हिन्दोस्तान में अब तक सक्रमित व्यक्तियों की संख्या कम है परन्तु अगर वायरस फैल जाता है तो इस का अंजाम तबाहकारी होगा।

इस ख़तरे का सामना करते हुए, हिन्दोस्तान की सरकार ने 24 मार्च से, अगले 21 दिन के लिए सभी आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक कार्यवाहियों पर सम्पूर्ण पाबंदी लगा दी है। सिर्फ रोज़मर्रे की ज़रूरत की वस्तुओं और सेवाओं को इस पाबंदी से बाहर रखा गया है। अस्पताल, क्लिनिक और दवाई की दुकानें खुली हैं, दूध, अंडा, सब्ज़ियां, किराने का सामान बेचने वाली दुकानें खुली हैं। तमाम उद्योग बंद हो गए हैं। सभी स्कूल-कालेज बंद हैं। आवश्यक सेवा क्षेत्र को छोड़कर, बाकी सभी मज़दूरों को घर में रहने को कहा गया है।

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के कर्मियों, आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन और वितरण में लगे हुए मज़दूरों, नगर-निगम के मज़दूरों और पुलिस को सलाम करती है, जो अपनी जान को जोखिम में डालकर, लोगों की सेवा करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। 

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी 21 दिनों की इस पाबंदी को कोरोना वायरस के खि़लाफ़ संघर्ष में एक ज़रूरी कदम मानती है। यह ज़रूरी है कि सभी लोग भीड़-भाड़ से दूर रहें, आपस में आवश्यक दूरी बनाये रखें और बार-बार अपने हाथ धोते रहें। मज़दूर अपने मालिकों से यह मांग कर सकते हैं कि पाबंदी की अवधि के दौरान उन्हें वेतन दिए जायें और दिहाड़ी मज़दूर सरकार से मुआवजा मांग सकते हैं।

आज इस महामारी का मुक़ाबला करने के लिए, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की ज़रूरत है। वायरस को फैलाने या उसके फैलाव को रोकने के पर्याप्त क़दम न उठाने के लिए इस या उस देश को दोषी ठहराने का यह वक्त नहीं है।

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति अपने सभी सदस्यों और समर्थकों से आह्वान करती है कि कोरोना वायरस को अपने देश में फैलने से रोकने के लिए, लोगों और केंद्र व राज्य सरकारों के सांझे संघर्ष में पूरा-पूरा सहयोग दें।  

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Apr 1-15 2020    Struggle for Rights    Rights     2020   

पार्टी के दस्तावेज

8 जनवरी, 2020 की सर्व हिन्द आम हड़ताल को सफल करें!

मज़दूर एकता कमेटी का आह्वान

देश की दिशा पूंजीपतियों की अमीरी को बढ़ा रही है और मज़दूर, किसान व सभी मेहनतकशों को ग़रीबी में धकेल रही है। इस रास्ते का विरोध करने के लिए और देश की दौलत पर अपने अधिकार का दावा करने के लिए यह हड़ताल आयोजित की जा रही है।

मेहनतकशों का है यह नारा, हम हैं इसके मालिक! हिन्दोस्तान हमारा!

thumbपूंजीपति वर्ग की राजनीतिक पार्टियां यह दावा करती हैं कि उदारीकरण, निजीकरण और भूमंडलीकरण के कार्यक्रम का कोई विकल्प नहीं है। परंतु सच तो यह है कि इसका विकल्प है। इसका विकल्प है अर्थव्यवस्था को एक नयी दिशा दिलाना, ताकि लोगों की जरूरतों को पूरा करने को प्राथमिकता दी जाए, न कि पूंजीपतियों की लालच को पूरा करने को। यह हिन्दोस्तान के नवनिर्माण का कार्यक्रम है।

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5th Congress Documentहिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव कामरेड लाल सिंह द्वारा, पार्टी की केन्द्रीय समिति की ओर से, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के पांचवें महाअधिवेशन को यह रिपोर्ट पेश की गई। महाअधिवेशन में इस पर चर्चा की गयी और इसे अपनाया गया। पांचवें महाअधिवेशन के फैसले के अनुसार, इस रिपोर्ट को सम्पादकीय शोधन के साथ, प्रकाशित किया जा रहा है।

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Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब, मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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